ऑक्सीटोसिन : 1 जुलाई से यहां बिक्री होगी बैन, असंवैधानिक है पशुओं को इंजेक्शन लगाकर दूध उतारना - Unite Foundation

EMAIL

news14400@gmail.com

Call Now

+91-7-376-376-376

ब्लॉग

ऑक्सीटोसिन : 1 जुलाई से यहां बिक्री होगी बैन, असंवैधानिक है पशुओं को इंजेक्शन लगाकर दूध उतारना
29-Jun-2018    |    Views : 00049

ऑक्सीटोसिन : 1 जुलाई से यहां बिक्री होगी बैन, असंवैधानिक है पशुओं को इंजेक्शन लगाकर दूध उतारना

 
Lucknow. ऑक्सीटोसिन का निर्माण अब सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम(पीएसयूएस) में होगा। यह कंपनी कर्नाटक में स्थापित है। इसी के साथ निजी कंपनी को ऑक्सीटोसिन के निर्माण संबंधी रॉ मैटेरियल की सप्लाई पर रोक लगा दी गयी है। असिस्टेंट ड्रग कमिश्नर लखनऊ मंडल पीके मोदी ने कहा कि संबंधित कंपनी की ऑक्सीटोसिन सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही आपूर्ति की जाएगी। जिसमें पशु अस्पताल भी शामिल है। वहीं भविष्य में जैनेरिक स्टोर पर भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। आगामी 1 जुलाई से इसकी बिक्री प्राइवेट अस्पताल और मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित होगी। इसी ऑक्सीटोसिन के कारण मरे हुए जानवरों को खाने से गिद्धों की संख्या में भी भारी कमी हुई है। 
आपको बता दें कि ऑक्सीटोसिन हार्मोन द्वारा पशुओं से निकाला गया दूध स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसी के साथ यह पशु क्रूरता के अंतर्गत आता है। आजकल अधिकांश पशुपालक/दुग्धउत्पादक पशुओं को बल पूर्वक, यातना देकर, कम समय में दूध उतारने के लिए कृत्रिम रुप से ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। इस तरह दूध निकालने से बछड़े बछिया को दूध न मिलने के कारण प्रति वर्ष लाखों की संख्या में बच्चों की आसामायिक मौत हो जाती है। वहीं ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से मादा पशु को असहाय प्रसव वेदना के समान पीड़ा होती है। उसका दुग्ध काल पूरा नहीं हो पाता और पशु बांझ हो जाता है। ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन द्वारा बल पूर्वक निकाले गये दूध के सेवन से मनुष्यों के हार्मोन में भी असन्तुलन, केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र पर दुष्प्रभाव, महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म, जल्द ही प्रौढावस्था का आना, नापुंसकता, गुर्दे की खराबी, कैंसर, बच्चों में मानसिक विकृति आदि रोगों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। 
 
असंवैधानिक है पशुओं को इंजेक्शन लगाकर दूध उतारना 
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 12 के अंतर्गत ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग करते पाये जाने पर या सिद्ध होने पर एक हजार रुपये का जुर्माना या दो वर्षों की सजा या दोनों ही हो सकते हैं। इसी के साथ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद अधिनियम 1984 की धारा 57 के तहत अपात्र व्यक्तियों द्वारा पशु औषधियों से पशु चिकित्सा करना दंडनीय अपराध है। वहीं ड्रग्स एण्ड कास्मेटिक एक्ट के अंतर्गत बिना पंजीकृत या बिना पशुचिकित्सक के प्रिस्क्रप्शन ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बेचना दंडनीय अपराध है। इसी के साथ बिना लाइसेंसधारी विक्रेता को यह इंजेक्शन बिक्री हेतु रखना भी अपराध है। 

Save the Children India, Best NGO to Support Child Rights, Best NGO in Lucknow, Skills Development NGO, Health NGO Lucknow, Education NGO Lucknow, NGO for Women Empowerment, NGO in India, Non Governmental Organisations, Non Profit Organisations, Best NGO in India

 


All Comments

Leave a Comment

विशिष्ट वक्तव्य 

विशिष्ट महानुभावों के वशिष्ट अवसरों पर राय

Facebook
Follow us on Twitter
Recommend us on Google Plus
Visit To Website