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आयकर से ही देश की तरक्की सम्भव : पीयूष कान्त
24-Jul-2018    |    Views : 00020

आयकर से ही देश की तरक्की सम्भव : पीयूष कान्त

LUCKNOW. आयकर दिवस पर यूनाइट फाउण्डेशन और समाधान फाउण्डेशन की ओर से एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में इनकम टैक्स को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और उनसे जुड़ी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में यूनाइट फाउण्डेशन के अध्यक्ष पीयूष कान्त मिश्र ने कहा कि हमें अपनी आय को छिपाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे हमारी और हमारे देश की तरक्की जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा दिया गया आयकर ही हमारे देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाता है। इसलिए हम सभी को ईमानदारी से आयकर का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने आयकर रिटर्न, टीडीएस, जीएसटी, आयकर से जुड़ी धाराएं 80 जी, 80 सी, 80 डीडी समेत अन्य तकनीकि जानकारियां दीं।

समाधान फाउण्डेशन के यतीन्द्र गुप्ता ने कहा कहा कि मानवाधिकार सबसे आगे है, लेकिन मानव का दायित्व कहीं नहीं दिखाई पड़ रहा है। इसलिए जरूरी है हमें अपने दायित्व को समझना होगा। उन्होंने कहा कि जैसे परिवार को चलाने के लिए धन की जरूरत होती है, वैसे देश को भी पैसे की जरूरत होती है। इन जरूरतों को पूरा करने के लिए टैक्स लिया जाता है। सरकार की ओर से टैक्स के कई स्लैब बनाए गए हैं, किसे कितना टैक्स देना है या किसे छूट प्रदान की गई,  इस बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स की धारा 80 जी के तहत कोई भी शख्स, एचयूएफ या कंपनी किसी फंड या चैरिटेबल संस्था को दिए गए दान पर टैक्स छूट ले सकता है। शर्त यह है कि आप जिस संस्था को यह दान देते हैं, वह सरकार के पास रजिस्टर्ड जरूर होनी चाहिए।

समाधान फाउण्डेशन के अरुणेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे देश में आयकर भरने वालों की संख्या काफी कम है, जो बहुत ही चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हमें ईमानदार आयकर दाता बनना चाहिए। उन्होंने आयकर से जुड़े कानून पर भी चर्चा की। उन्होंने वेतन भोगियों के कर भुगतान से जुड़े प्रश्न के जवाब में बताया कि धारा 80 (सी) के तहत प्रत्येक वेतन भोगी को अपने पाठ्य की ट्यूशन फीस (शिक्षण शुल्क) को छोड़कर बकाया वेतन का कर भुगतान करना पड़ता है, भले ही उसके पास अन्य कितने भी खर्च क्यों न हो।

यूनाइट फाउण्डेशन के सचिव सौरभ मिश्र ने कहा कि इनकम टैक्स से निपटने के लिए आय को बढ़ाते रहना जरूरी है। उन्होंने कई मोटीवेशनल उदाहरण देकर स्वालंबन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सफल होने के लिए मेहनत जरूरी है।

जेएल दास ने कहा कि आयकर रिटर्न भरने वाले लोग गर्व से अपनी आय बता सकते हैं, उनकी आय को लेकर कोई चैलेंज भी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि इंसान को आगे बढ़ने के लिए बैंकिंग से जुड़ना ही होगा। अगर आप लोन लेना चाहते हैं तब भी आईटीआर की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि हर काम के लिए इच्छाशक्ति जरूरी है। बिना इच्छा शक्ति के कुछ नहीं हो सकता।

गोष्ठी में आए लोगों ने आयकर से जुड़े तमाम प्रश्न पूछे, जिसका उत्तर भी बखूबी दिया गया। कार्यक्रम के अंत में यूनाइट फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष डॉ. पी. के. त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनाइट फाउण्डेशन के अध्यक्ष पीयूष कान्त मिश्र और कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम दीक्षित ने किया। इस अवसर शेखर उपाध्याय, प्रदीप जोशी, अभिषेक सिंह, हर्ष श्रीवास्तव, प्रदीप शुक्ला, पेमा, साकेत, कार्तिकेय सक्सेना, वर्षा, राधा समेत करीब 40 लोग मौजूद रहे।

 

 

 

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