EMAIL

unitefoundationind@gmail.com

Call Now

+91-7-376-376-376

ब्लॉग

पशु क्रूरता पड़ेगा मंहगा, सीएम के साथ बोर्ड ने की बैठक, लिया ये अहम निर्णय
06-Apr-2018    |    Views : 000704

पशु क्रूरता पड़ेगा मंहगा, सीएम के साथ बोर्ड ने की बैठक, लिया ये अहम निर्णय

LUCKNOW.  सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी की सत्ता संभालते ही पशु क्रूरता पर सख्ती से रोक लगाने के लिए अवैध स्लॉटर हाउस को बैन करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद प्रशासन ने एक्शन लेते हुए अवैध बूचड़खानों को उल्टा रास्ता दिखाया था। इसी क्रम में अब सरकार के 1 साल बीतने के बाद पशु क्ररता के प्रति भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) ने सीएम के साथ बैठक कर अहम निर्णय लिए हैं। यह जानकारी बोर्ड के अध्यक्ष एसपी गुप्ता ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस लखनऊ में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। 

 उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही पशु कल्याण के महत्वपूर्ण घटक के रूप में अवैध रूप से अतिक्रमण की गई चारागाह जमीन (गौचर भूमि) को मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाएगी। इसके लिए सरकार राज्य स्तर पर भू—माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाएगी। पशुओं की देखभाल के लिए सभी जिलों में आपातकालीन परिस्थितियों में पशुओं के लिए एंबुलेंस, हेल्पलाइन नंबर, जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। श्री गुप्ता ने बताया कि सीएम के साथ बैठक में बोर्ड के तीन अन्य सदस्य गिरीश भाई शाह, राकेश गुप्ता और राजीव गुप्ता भी शामिल रहे। 

 उच्च स्तरीय बैठक 

 श्री गुप्ता ने बताया कि पशुओं की सुरक्षा, संवर्धन समेत अन्य कई मुद्दों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से उच्च—स्तरीय बैठक हो चुकी है। बैठक में पशुओं के लिए चारागाहों पर कब्जा जमाए भू—माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का भी यह आदेश है कि चारागाहों का इस्तेमाल केवल पशु कल्याण के लिए ही किया जाए। लेकिन कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर भू—माफियाओं ने कारागाहों पर कब्जा जमा रखा है। 

पशुओं के लिए अस्पताल

 उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर पशुओं की देखभाल के लिए क्लिनिक बनाए जाएंगे। ​हर जिले के हेड क्वार्टर में वालंटियर्स नियुक्त करेंगे। पशुओं के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सुविधा भी चलाई जाएगी। उनके संज्ञान में इस तरह के मामले भी आए हैं कि बोर्ड का फर्जी कार्ड बनाकर लोगों ने ग्रामीण इलाकों में कार्यालय खोल रखें हैं और धन उगाही कर रहे हैं। ऐसे में सभी पुराने कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। अब नए कार्ड ही मान्य होंगे। नए कार्ड के लिए व्यक्ति का हर तरह से वैरिफिकेशन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद भी यदि कोई गलत कार्य करता है, तो उसका अंजाम उसे भुगतना होगा। 

 अवार्ड देगा बोर्ड 

उन्होंने कहा कि जो भी समिति या संस्था पशु हित में काम कर रहे हैं। उनके बेहतर कार्यों का मूल्यांकन करते हुए बोर्ड अवार्ड भी देगा। उन्होंने कहा कि चींटी से हाथी तक के लिए बने नियम कानूनों का बोर्ड पालन कराएगा। यंक पशुओं को काटने का कोई प्राविधान नहीं है, उसके बावजूद स्वस्थ्य पशुओं को ही काटा जाता है। लेकिन अब कोई भी इस तरह की हरकत करने वाला बच नहीं सकेगा। इसके लिए सख्त नियमों के साथ बोर्ड मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। 

 क्रूरता तो क्रूरता है

 पशु क्रूरता को लेकर पत्रकारों ने बकरीद पर सवाल पूछे तो कहा कि किसी भी धर्म में बलि देना नहीं लिखा है। क्रूरता तो क्रूरता है। यदि कोई भी पशु की हत्या करता है, तो वह दोषी होगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी शिकायत व्यक्ति बोर्ड से कर सकता है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए भी 12 फंडामेंटल राइट और फ्रीडम है। 

 फिल्म की अनुमति 

 उन्होंने कहा कि कोई भी फिल्म बोर्ड की अनुमति के पास ही होती है। लेकिन अब बोर्ड इस नियम में भी बदलाव करेगा। चूंकि जहां फिल्में बननी हैं, वहां पशुओं और चारागाहों के दृश्य कवर करने के लिए बोर्ड की बिना अनुमति के शूट नहीं किया जा सकेगा। 

 दो परियोजनाओं की पेशकश

 सीएम से इस बात का अनुरोध किया गया कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही सभी कब्जा किए गए चारागाहों को बहाल किया जाए। वहीं, सीएम योगी ने इस तरह की जमीनों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। बोर्ड ने सीएम के समक्ष राज्यों को मेट्रो और स्मार्ट शहरों के लिए दो प्रायोगिक परियोजनाओं की पेशकश की। इसमें सभी तरह के पशुओं के प्रति किसी भी तरह से क्रूरता को खत्म करने की अपील की। यह शहरों और नगरपालिका समितियों की एक समय सीमा के भीतर इस तरह की परियोजनओं को शुरू करने की पहचान करेगी। उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने एबीबीआई प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है। 

 दर्ज कराई जाएगी एफआईआर 

 उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के स्टार सलमान खान का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून से कोई बच नहीं सकता। जो भी पशुओं के साथ क्रूरता करेगा, शिकायत मिलने पर या स्वत संज्ञान लेकर बोर्ड उस पर कार्रवाई करेगा। भले ही दोषी को सजा दिलाने में देरी होगी, लेकिन पशुओं को न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पशुओं के खिलाफ क्रूरता को रोकने के लिए जल्द ही एबीबीआई नगरपालिका समिति के तहत कुछ शहरी इलाकों में कार्यक्रम शुरू करेगा। 

 धन की नहीं कोई कमी

 उन्होंने कहा कि पशु देखभाल में धन की कोई कमी नहीं है। अवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिएए भी बोर्ड प्रयास करेगा। चारागाहों का उपयोग जैविक उर्वरकों के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। रोगियों के उपचार के लिए पंचगव्य या आयुर्वेदिक दवाओं के प्रयोग को नकारा नहीं जा सकता है। 

 

 

Save the Children India, Best NGO to Support Child Rights, Best NGO in Lucknow, Skills Development NGO, Health NGO Lucknow, Education NGO Lucknow, NGO for Women Empowerment, NGO in India, Non Governmental Organisations, Non Profit Organisations, Best NGO in India

 


All Comments

Leave a Comment

विशिष्ट वक्तव्य 

विशिष्ट महानुभावों के वशिष्ट अवसरों पर राय

Facebook
Follow us on Twitter
Recommend us on Google Plus
Visit To Website