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बालक नरेन्द्र पर पड़ा परिवार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण का प्रभाव
12-Jan-2019    |    Views : 00034

LUCKNOW. स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी सन् 1863 (विद्वानों के अनुसार मकर संक्रान्ति संवत् 1920) को कलकत्ता में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। दुर्गाचरण दत्ता, (नरेंद्र के दादा) संस्कृत और फारसी के विद्वान थे उन्होंने अपने परिवार को 25 की उम्र में छोड़ दिया और एक साधु बन गए।

बालक नरेन्द्र पर पड़ा परिवार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण का प्रभाव

LUCKNOW. स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी सन् 1863 (विद्वानों के अनुसार मकर संक्रान्ति संवत् 1920) को कलकत्ता में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। दुर्गाचरण दत्ता, (नरेंद्र के दादा) संस्कृत और फारसी के विद्वान थे उन्होंने अपने परिवार को 25 की उम्र में छोड़ दिया और एक साधु बन गए। उनकी माता भुवनेश्वरी देवी धार्मिक विचारों की महिला थीं। उनका अधिकांश समय भगवान शिव की पूजा-अर्चना में व्यतीत होता था। नरेंद्र के पिता और उनकी माँ के धार्मिक, प्रगतिशील व तर्कसंगत रवैया ने उनकी सोच और व्यक्तित्व को आकार देने में मदद की।

बचपन से ही नरेन्द्र अत्यन्त कुशाग्र बुद्धि के तो थे ही नटखट भी थे। परिवार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के प्रभाव से बालक नरेन्द्र के मन में बचपन से ही धर्म एवं अध्यात्म के संस्कार गहरे होते गये। माता-पिता के संस्कारों और धार्मिक वातावरण के कारण बालक के मन में बचपन से ही ईश्वर को जानने और उसे प्राप्त करने की लालसा दिखायी देने लगी थी। ईश्वर के बारे में जानने की उत्सुकता में कभी-कभी वे ऐसे प्रश्न पूछ बैठते थे कि इनके माता-पिता और कथावाचक पण्डितजी तक चक्कर में पड़ जाते थे।

वे अपने गुरु रामकृष्ण देव से काफी प्रभावित थे जिनसे उन्होंने सीखा कि सारे जीव स्वयं परमात्मा का ही एक अवतार हैं; इसलिए मानव जाति की सेवा द्वारा परमात्मा की भी सेवा की जा सकती है। रामकृष्ण की मृत्यु के बाद विवेकानंद ने बड़े पैमाने पर भारतीय उपमहाद्वीप का दौरा किया और ब्रिटिश भारत में मौजूदा स्थितियों का पहले हाथ ज्ञान हासिल किया। बाद में विश्व धर्म संसद 1893 में भारत का प्रतिनिधित्व करने, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कूच की। विवेकानंद के संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप में हिंदू दर्शन के सिद्धांतों का प्रसार किया , सैकड़ों सार्वजनिक और निजी व्याख्यानों का आयोजन किया। भारत में, विवेकानंद को एक देशभक्त संत के रूप में माना जाता है और इनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे।

विवेकानंद ओजस्वी और सारगर्भित व्याख्यानों की प्रसिद्धि विश्व भर में है। जीवन के अन्तिम दिन उन्होंने शुक्ल यजुर्वेद की व्याख्या की और कहा-"एक और विवेकानन्द चाहिये, यह समझने के लिये कि इस विवेकानन्द ने अब तक क्या किया है।" उनके शिष्यों के अनुसार जीवन के अन्तिम दिन 4 जुलाई 1902 को भी उन्होंने अपनी ध्यान करने की दिनचर्या को नहीं बदला और प्रात: दो तीन घण्टे ध्यान किया और ध्यानावस्था में ही अपने ब्रह्मरन्ध्र को भेदकर महासमाधि ले ली। बेलूर में गंगा तट पर चन्दन की चिता पर उनकी अंत्येष्टि की गयी। इसी गंगा तट के दूसरी ओर उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस का सोलह वर्ष पूर्व अन्तिम संस्कार हुआ था।

हमें देश और दुनिया के इतिहास की पूरी जानकारी नहीं है। जिसको जानकर हम अपने सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकते है। दोस्तों आज जानते हैं 12 जनवरी के इतिहास की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेंमे-

12 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

छत्रपति शाहू जी को 1708 में मराठा शासक का ताज पहनाया गया।

ब्रिटेन ने पश्चिम बंगाल के बंदेल प्रांत को 1757 में पुर्तग़ाल से अपने कब्जे में लिया।

लंदन में रॉयल एयरोनॉटिकल सोसायटी का 1866 में गठन हुआ।

पेरिस स्थित एफिल टॉवर से 1908 में पहली बार लंबी दूरी का वायरलेस संदेश भेजा गया।

गोपीनाथ साहा की कोलकाता के पुलिस आयुक्त चार्ल्स ऑगस्टस टेगार्ट समझकर 1924 में ग़लती से एक आदमी ने हत्या कर दी। इसके बाद उसे गिरफ़्तार कर लिया गया।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रान्तिकारी सूर्य सेन को 1934 में चटगांव में फांसी दी गयी। उन्होने इंडियन रिपब्लिकन आर्मी की स्थापना की और चटगांव विद्रोह का सफल नेतृत्व किया।

1948 में महात्मा गांधी ने अपना अंतिम भाषण दिया और सांप्रदायिक हिंसा के विरुद्ध अनशन में बैठने का फैसला किया।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 12 जनवरी 1950 में ‘संयुक्त प्रांत’ का नाम बदल कर ‘उत्तर प्रदेश’ रखा गया।

भारत के पूर्व गेंदबाज बापू नाडकर्णी ने 1964 में मद्रास में इंग्लैंड के साथ पहले टेस्ट में लगातार 21 ओवर मेडन फेंके। छह गेदों के ओवर के इतिहास में यह अब तक रिकॉर्ड है।

जांजीबार विद्रोहियों ने क्रांति की शुरुआत और गणतंत्र की घोषणा 1964 में की।

स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन के मौके पर 1984 से हर वर्ष देश में इस दिवस को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ मनाने की घोषणा की गयी।

रोमानिया ने कम्युनिस्ट पार्टी पर 1990 में प्रतिबंध लगाया।

अमरीकी संसद ने 1991 में कुवैत में इराक के खिलाफ सैनिक कार्रवाई की मंजूरी दी।

यूरोप के 19 देश मानव क्लोनिंग पर प्रतिबंधित लगाने पर 1998 में सहमत हुए।

भारत का 2001 में इंडोनेशिया-रूस-चीन संधि से इंकार, नैफ नदी पर बांध निर्माण योजना के कारण बांग्लादेश-म्यांमार सीमा पर तनाव के बाद सेनाएँ तैनात।

भारतीय मूल की महिला लिंडा बाबूलाल त्रिनिदाद 2003 में संसद की अध्यक्ष बनीं।

दुनिया के सबसे बड़े समुद्री जहाज, “आरएमएस क्वीन मैरी 2” ने 2004 में अपनी पहली यात्रा की शुरूआत की।

टेम्पल-1 कॉमेट (धूमकेतु) पर उतरने के उद्देश्य से डेल्टा द्वितीय रॉकेट से ‘डीप इम्पैक्ट’ अंतरिक्ष यान का 2005 में प्रक्षेपण किया।

भारत और चीन ने हाइड्रोकार्बन पर एक महत्त्वपूर्ण सहमति पत्र पर 2006 में हस्ताक्षर किए।

2007 में आयी आमिर खान की फ़िल्म ‘रंग दे बसन्ती’ बाफ़्टा के लिए नामांकित।

कोलकाता में 2008 में आग से 2500 दुकानें जल कर खाक हुई।

2009 में प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान प्रतिष्ठित गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीतने वाले पहले भारतीय बने।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. जयन्त कुमार ने 2009 में दुनिया का सबसे पुराना उल्का पिंड क्रेटर खोजा।

हैती में आए 2010 के भूकंप में 2,00,000 से ज्यादा लोग मारे गए। इसमें शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।

12 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

राजमाता जीजाबाई का जन्म 1598 को महाराष्ट्र के बुलढ़ाणा शहर में हुआ।

भारतीय दार्शनिक स्वामी विवेकानंद का जन्म 1863 को कोलकाता में हुआ।

भारत रत्न से सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेवी और शिक्षा शास्त्री भगवान दास का जन्म 1869 को वाराणसी में हुआ।

अमरीकी लेखक जैक लंदन का जन्म 1876 को अमेरिका के कैलीफोर्निया में हुआ।

प्रसिद्ध महिला क्रांतिकारी नेली सेनगुप्ता का जन्म 1886 को कैम्ब्रिज, इंग्लैण्ड में हुआ।

भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ बद्रीनाथ प्रसाद का जन्म 1899 को आजमगढ़ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना गाव में हुआ।

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन’ के पुरोधा उमाशंकर दीक्षित का जन्म 1901 को ‎ उत्तर प्रदेश के उन्नाव शहर में हुआ।

भारतीय अध्यात्मवादी महर्षि महेश योगी का जन्म 1917 को जबलपूर शहर में हुआ।

हिन्दी फ़िल्म निर्माता-निर्देशक, गायक और संगीतकार सी. रामचन्द्र का जन्म 1918 को महाराष्ट्र के अहमदनगर में हुआ।

प्रसिद्ध उर्दू कवि अहमद फ़राज़ का जन्म 1931 को कोहाट, पाकिस्तान में हुआ।

भारतीय राजनीतिज्ञ अजय माकन का जन्म 1964 को दिल्ली में हुआ।

राजनीतिज्ञ तथा उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का जन्म 1964 को लखनऊ शहर में हुआ।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी का जन्म 1972 को दिल्ली में हुआ।

12 जनवरी को हुए निधन

1665 में फ़्रांस के गणितज्ञ पियरडी फ़रमा का निधन हुआ।

1924 में पश्चिम बंगाल के स्वतंत्रता सेनानी गोपीनाथ साहा का निधन हुआ।

1934 में भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले प्रसिद्ध क्रांतिकारी सूर्य सेन का निधन हुआ।

1941 में भारतीय क्रांतिकारियों में से एक प्यारे लाल शर्मा का निधन हुआ।

1976 में दुनिया के सबसे जाने माने जासूसी उपन्यासकारों में से एक अगाथा क्रिस्टी का निधन हुआ।

1992 में भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक कुमार गंधर्व का निधन हुआ।

2005 में भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और खलनायक अमरीश पुरी का निधन हुआ।

2008 में विश्व के सबसे बड़े फ़िल्म शो टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव की बुनियाद रखने वाले ‘मुर्रे दस्ती कोहल’ का निधन हुआ।

12 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

राष्ट्रीय युवा दिवस

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह

 

 

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