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बालीवुड को पहचान दिलाने का श्रेय है ..........
03-Jan-2019    |    Views : 00024

LUCKNOW. प्रसिद्ध हिंदी फ़िल्म निर्माता-निर्देशक और पटकथा लेखक चेतन आनंद का जन्म 3 जनवरी 1915 को हुआ था। बॉलीवुड फ़िल्मों को इस स्तर पर पहली बार पहचान दिलाने का श्रेय चेतन आनंद को ही जाता है। चेतन आनंद सदाबहार अभिनेता देव आनंद के बड़े भाई थे। देव आनंद चेतन आनंद की बदौलत ही फ़िल्म इंडस्ट्री में आ सके।

बालीवुड को पहचान दिलाने का श्रेय है ..........


 LUCKNOW. प्रसिद्ध हिंदी फ़िल्म निर्माता-निर्देशक और पटकथा लेखक चेतन आनंद का जन्म 3 जनवरी 1915 को हुआ था। बॉलीवुड फ़िल्मों को इस स्तर पर पहली बार पहचान दिलाने का श्रेय चेतन आनंद को ही जाता है। चेतन आनंद सदाबहार अभिनेता देव आनंद के बड़े भाई थे। देव आनंद चेतन आनंद की बदौलत ही फ़िल्म इंडस्ट्री में आ सके।

चेतन आनंद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। चेतन ने लाहौर से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद राजनीति में कदम रखा और वह वर्ष 1930 के दशक में कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने दून स्कूल में शिक्षक के रूप में भी कार्य किया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। प्रिया राजवंश चेतन आनंद की सहयात्री थीं। दोनों ज़िंदगी भर साथ-साथ रहे। शादी नहीं की और उसकी ज़रूरत भी नहीं समझी। बाहरी दुनिया के लोग उन्हें पति-पत्नी मानते रहे।

1950 के दशक के शुरू में उन्होंने अपने छोटे भाई और उस जमाने के मशहूर अभिनेता देवानंद के साथ नवकेतन प्रोडक्शंस के नाम से एक फ़िल्म कम्पनी की स्थापना की। इस बैनर ने बॉलीवुड को अफसर, टैक्सी ड्राइवर और आंधियां जैसी फ़िल्में दीं। बाद में, चेतन ने हिमालय फ़िल्म्स नाम से अपनी अलग कम्पनी शुरू की। इस बैनर ने हिन्दी सिनेमा को हक़ीक़त, हीर रांझा, हंसते जख्म और हिन्दुस्तान की कसम जैसी अच्छी फ़िल्में दीं। इसके अलावा कालाबाज़ार, किनारे-किनारे, आखिरी खत, कुदरत, हाथों की लकीरें फ़िल्मों में चेतन ने विभिन्न भूमिकाओं को अंजाम दिया। उन्होंने वर्ष 1988 में 'परमवीर चक्र' नाम से एक धारावाहिक भी बनाया था। हिन्दी फ़िल्म जगत् को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने 6 जुलाई 1997 को 82 वर्ष की उम्र में इस दुनिया से विदा ले ली।

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3 जनवरी के इतिहास में हुई कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेंमे, उन लोगों के जन्मदिन के बारेमें जिन्होंने दुनिया में आकर बहुत बड़ा नाम किया साथ ही उन मशहूर लोगों के बारेंमे जो इस दुनिया से चले गए, को जानकर हम अपने सामान्य ज्ञान का बढ़ा सकते है।

3 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1833 - ब्रिटेन ने दक्षिण अटलांटिक के फ़ॉकलैंड द्वीप पर कब्जा जमाया।

1894 - रवीन्द्र नाथ टैगोर ने 'शांति निकेतन' में 'पौष मेला' का उद्घाटन किया।

1901 - 'शांति निकेतन' में ब्रह्मचर्य आश्रम खुला।

1911 - अमेरिका में डाक बचत बैंक का उद्घाटन हुआ।

1929 - महात्मा गांधी लॉर्ड इरविन से मिले।

1943 - टेलीविजन पर पहली बार गुमशुदा लोगों के बारे में सूचना का प्रसारण किया गया।

1956 - फ्रांस में 'एफिल टॉवर' के ऊपरी हिस्से में आग लगने से नुकसान।

1957 - अमेरिका के पेनसिल्वेनिया में पहली बार बिजली घड़ी प्रदर्शित की गयी।

1959 - अलास्का को अमेरिका का 49वां राज्य घोषित किया गया।

1968 - देश के पहले मौसम विज्ञान रॉकेट 'मेनका' का प्रक्षेपण।

1974 - बर्मा (अब म्यांमार) में संविधान को अंगीकार किया गया।

1991 - इजरायल ने 23 साल बाद सोवियत संघ में वाणिज्य दूतावास को दोबारा खोला।

ब्रिटेन से इराकी दूतावास के आठ अधिकारियों को निष्कासित किया गया।

1993 - अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश एवं रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन द्वारा 'स्टार्ट द्वितीय' संधि पर हस्ताक्षर किया गया।

अमरीका और रूस ने अपने परमाणु हथियारों की संख्या को आधा करने पर सहमति जतायी।

1995 - हरियाणा के डबवाली में एक स्कूल में लगी भीषण आग में 360 लोगों की मौत।

1998 - अल्जीरियाई इस्लामी विद्रोह में 412 लोगों की हत्या।

2000 - कलकत्ता का नाम आधिकारिक रूप से कोलकाता रखा गया।

2002 - काठमाण्डू में दक्षेस विदेश मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तान बेनकाब, भारत ने आतंकवादियों व अपराधियों के ख़िलाफ़ सबूत सार्वजनिक किए।

2004 - 12वें सार्क सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस्लामाबाद पहुँचे।

मिस्र की विमानन कंपनी फ्लैश एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान 604 के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार सभी 148 लोग मारे गये।

2005 - यूएसए ने तमिलनाडु में सुनामी पीड़ितों को साफ़ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 6.2 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की।

2007 - चीन की मारग्रेट चान ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक पद की कमान सम्भाली।

2008 - बिजली उपकरण बनाने वाली 'इंडो एशियन फ्युजगीयर लिमिटेड' ने उत्तराखण्ड में हरिद्वार में 40 करोड़ रुपये के निवेश से नया अत्याधुनिक विचारगियर संयंत्र खोलने की घोषणा की।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 15 सदस्यीय टीम में लीबिया, वियतनाम, क्रोएशिया, कोस्टारिका और बुर्किनाफासो का पांच नये अस्थायी सदस्यों के रूप में चयन किया गया।

2009 - राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभा में विश्वास मत हासिल किया।

2013 - इराक के मुसय्यिब क्षेत्र में एक आत्मघाती बम विस्फोट में शिया समुदाय के 27 लोगों की मौत हो गयी और 60 घायल हो गये।

2015 - नाइजीरिया के पूवोत्तर शहर बागा में आतंकवादी संगठन बोको हराम का हमला, लगभग 2000 लोगों की मौत।

3 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1981 - नरेश अय्यर भारतीय पार्श्वगायक

1977 - गुल पनाग - मॉडल, बॉलीवुड अभिनेत्री

1954 - बागेश्री चक्रधर - आकाशवाणी व दूरदर्शन की स्वर-परीक्षित एवं मान्यता-प्राप्त कलाकार हैं।

1941 - संजय खान - बॉलीवुड अभिनेता।

1938 - जसवंत सिंह - प्रसिद्ध भारतीय राजनेता।

1927 - जानकी बल्लभ पटनायक - ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री।

1915 - चेतन आनंद, प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता-निर्देशक

1903 - जयपाल सिंह - भारतीय हॉकी के प्रसिद्ध खिलाड़ियों में से एक

1836 - मुंशी नवल किशोर - एशिया की सबसे पुरानी प्रिंटिंग प्रेस के संस्थापक का उत्तर प्रदेश के अलीगढ़।

1831 - सावित्रीबाई फुले, सामाजिक कार्यकर्त्ता, भारत में पहली महिला शिक्षक, और मराठी भाषा में पहली महिला कवयित्री।

3 जनवरी को हुए निधन

2002 - सतीश धवन - भारत के प्रसिद्ध रॉकेट वैज्ञानिक।

2005- जे. एन. दीक्षित, भारतीय सरकारी अधिकारी।

2013 - एम. एस. गोपालकृष्णन - भारत के प्रसिद्ध वायलिन वादक।

1979- परशुराम चतुर्वेदी, विद्वान् शोधकर्मी समीक्षक

1972- मोहन राकेश लेखक व नाटककार

1871 - कुरिआकोसी इलिआस चावारा - केरल के सीरियन कैथॉलिक संत तथा समाज सुधारक।

 

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