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समस्या का समाधान स्वयं ढूंढने से ही निकलेगा हल
29-Sep-2018    |    Views : 000308

समस्या का समाधान स्वयं ढूंढने से ही निकलेगा हल

LUCKNOW. हमारे आस पास बहुत कुछ है उसका सही रूप से इस्तेमाल किया जाये तो वह हमारे लिये बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। उससे जो हमारी समस्या उत्पन्न थी, उसका समाधान अपने आप हो जायेगा। इसी को और सार्थक बनाने के लिये यूनाइट फाउण्डेशन ने समाज की समस्या और समाधान के लिये कार्यालय में एक परिचर्चा का आयोजन किया। जिसमें समाधान फाउण्डेशन के अरुणेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, विनोबा सेवा आश्रम के ज्ञानेश्वर सिंह, हास्य क्लब से हास्य योगी शिवाराम मिश्रा आदि समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन यूनाइट फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित ने किया।

समाधान फाउण्डेशन के अरूणेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने कूड़ा निस्तारण पर कहा कि कूड़ा जब हम स्वयं करते है तो सरकार क्यों निर्भर क्यो रहें। सड़े गले खाने से लेकर सबकुछ कम्पोस्ट खाद बना सकते है। उस खाद के इस्तेमाल से हम अपनी बागवानी को अच्छा बना सकते है। घर के कूड़े को कई हिस्सों में बांटे जैसे गाय को खिलाने वाले को गाय को, प्लास्टिक को कूड़े में, कबाड़ को कबाड़ी वाले को देकर कूड़े को निस्तारित किया जा सकता है।

डा. अलका सिंह ने बताया कि सतत प्रयास के जरिये ही हम आगे बढ़ सकते है। उसके लिये रणनीति बनाकर काम किया जा सकता है, हम सब मिलाकर ही प्रयास कर सकते है।

हास्य क्लब के हास्य योगी शिवाराम मिश्र ने बताया कि इंसान को कभी निराश नही होना चाहिये क्योकि निराशा से ही सारे रास्ते बंद हो जाते है। ऐसे में हमें निराश होने की बजाय काम करते रहने की जरूरत है।

ज्योत्सना सिंह ने बताया कि हम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिये आगे आना चाहिये। हम लोगों ने एकजुट होकर कई काम किये है जो कि सार्थक भी साबित हुए है। मोहल्लों की समस्याओं को उठाने की जगह उसके समाधान ढ़ूढ़ने की जरूरत है।

विनोबा सेवा आश्रम के ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि हम एकजुट होकर हर प्रकार की समस्या का समाधान को कर सकते है। जहां तक हो उसका समाधान स्वयं करें।

हलधर गोंडवी ने बताया कि हमारा सिस्टम खराब है पात्रों को लाभ नही मिल रहा है। उन्होने कहा कि शक्ति भले मिल जाये लेकिन नालेज नही है तो कुछ नही हो सकता है। गोंडवी ने कहा कि कमीशनखोरी हमारे देश को खोखला कर रही है, दुनिया का सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार शिक्षा विभाग में है, शिक्षा के साथ सभी खिलवाड़ करने में लगे है।

मनोज कुमार सिंह ने कहा कि हरियाली कम होती जा रही है। पहले डिवाइडर के बीच में कच्चा होता था, तो हम लोग वहां पेड़ लगा देते थे, लेकिन आज सब पक्का हो गया। इसके लिये हमें सरकार के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। अगर कच्चा रहेगा तो उस पर पेड़ लगाये जाये तो पर्यावरण सुरक्षित होगा और भूमिगत जल का भी अच्छी तरह से संचयन कर सकेंगें। उन्होने प्राइवेट स्कूलो के मनमाने रवैये को लेकर चर्चा की। उन्होने कहा कि आजकल स्कूलों का माहौल खराब हो गया है, बच्चे हमारे स्कूलों में सुरक्षित नही है। प्राइवेट स्कूलों में असुरक्षा का बहुत बड़ा मुद्दा है,हमें उसके लिये एक जुट होने की जरूरत है। हमें जागरुक होना पड़ेगा तभी कुछ सुधार हो सकता है।

इस बैठक में दो प्रस्ताव पास किये गये, जिसके तहत जानकीपुरम क्षेत्र में 1 अक्टूबर से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया जायेगा। वहीं दूसरे प्रस्ताव के तहत शिक्षा व्यवस्था की खामियों के विरूद्ध सुधारात्मक प्रयास किये जायेगे।जिसमें पहले चरण में सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार के लिये प्रणाम कार्यक्रम की शुरुआत 1 अक्टूबर से ही होगी।


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