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हैकरों ने बैंक खातों से उड़ायी लाखों की रकम
28-Sep-2018    |    Views : 000227

हैकरों ने बैंक खातों से उड़ायी लाखों की रकम

 

LUCKNOW. राजधानीवासी सावधान हो जायें। लखनऊ में हैकरों ने दस्तक दे दी है। हैकरों ने 24 घंटे के अंदर ही दर्जन भर लोगों के खाते से लाखों रुपए निकाल लिए । मोबाइल पर आए मैसेज से खाताधारकों को जानकारी होने पर उनके होश उड़ गये। कृष्णानगर थाने पहुंच पीड़ितों ने एफआईआर दर्ज कराई है।

रानसिपेट कॉलोनी निवासी कमला अध्यापक हैं। गुरुवार को वह कृष्णानगर कोतवाली पहुंची। उनके खाते से ठगों ने दस बार में एक लाख रुपए निकाले थे। वहीं, बाराबिरवा निवासी राम प्रकाश के खाते से भी 70 हजार रुपए निकाले गए थे। कमला व राम प्रकाश के साथ ही करीब 14 लोग थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर कृष्णानगर यशकांत सिंह भी एक साथ साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों के आने से हैरान रह गए। उन्होंने मामले की जानकारी साइबर सेल नोडल अधिकारी व सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र को दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि सेक्टर डी निवासी दीपाली खन्ना के खाते से 50 हजार, विक्रम के खाते से 40 हजार, पूरन नगर निवासी अजीत वर्मा के खाते से 50 हजार, आदेश सिंह के खाते से 50 हजार, विशाल के खाते से 20 हजार, बरगवां निवासी शिवम सिंह के खाते से 20 हजार, ज्योति शुक्ला के खाते से 25 हजार, केशव प्रसाद मौर्या के खाते से 20 हजार, अर्चना के खाते से 13 हजार व माया देवी के खाते से 25 हजार रुपए निकाले गए हैं।

कई एटीएम में लगाई गई स्कीमर डिवाइस

ठेकेदार राम प्रकाश के मुताबिक उन्होंने कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया था और न ही किसी को जानकारी दी थी। फिर भी खाते से रुपए निकल गए। राम प्रकाश के मुताबिक मोबाइल पर बैंक की तरफ से एक के बाद एक कई मैसेज आने पर उन्हें रुपए निकाले जाने की जानकारी हुई। उनकी तरह ही अलग-अलग बैंक खाताधारकों के खाते से रुपए निकाले गए। इससे साफ है कि एटीएम बूथ में बड़े पैमाने पर स्कीमर डिवाइस इंस्टाल की गई थी।

 कैसे काम करता है स्कीमर

स्कीमर छोटी सी डिवाइस होती है। जिसे ठग मशीन के कार्ड स्लॉट पर लगाते हैं। वहीं, मशीन के कीपैड के पास पिनहोल कैमरा भी इंस्टाल किया जाता है। जिसके सहारे कीपैड पर डाले जाने वाले पिन कोड को रिकार्ड किया जाता है। टॉरगेट पूरा करने के बाद ठग स्कीमर को कम्प्यूटर से जोड़ कर खाली कार्ड पर क्लोन तैयार किया जाता है।

 बैंक से मांगे चिप कार्ड

क्लोनिंग की घटनाओं के चलते बैंकों ने अपनी सिक्योरिटी को मजबूत किया है। मैग्नेटिक स्ट्रीप वाले एटीएम कार्ड की जगह कई बैंक चिप कार्ड जारी कर रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक चिप कार्ड का क्लोन तैयार करना मुश्किल होता है। वहीं, क्लोनिंग के जरिए खातों से निकाली गई रकम की भरपाई करने का जिम्मा बैंक पर होता है। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद क्लोनिंग की बात स्पष्ट होते ही बैंक ग्राहकों के खाते में रुपए वापस लौटा देते हैं।

होशियारी से करें एटीएम का इस्तेमाल

1- एटीएम बूथ में किसी अन्जान शख्स को न आने दें

2- मशीन इस्तेमाल करने से पहले बूथ का कार्ड स्लॉट जांच लें

3- पिन डालते वक्त हाथ से कीपैड को छिपा लें

4- हर ट्रांजेक्शन की डिटेल समय पर पाने के लिए बैंक में मोबाइल नम्बर दर्ज कराए5- खाते में संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने पर तत्काल बैंक, पुलिस व साइबर सेल को खबर दें

 

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