EMAIL

unitefoundationind@gmail.com

Call Now

+91-7-376-376-376

ब्लॉग

गोचर भूमि पर अवैध कब्जे होंगे मुक्त-  एसपी गुप्ता
06-Apr-2018    |    Views : 000899

गोचर भूमि पर अवैध कब्जे होंगे मुक्त- एसपी गुप्ता

LUCKNOW. राज्य सरकार जल्द ही पशु कल्याण के महत्वपूर्ण घटक के रूप में अवैध रूप से अतिक्रमण की गई चारागाह जमीन (गौचर भूमि) को मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाएगी। इसके लिए, सरकार राज्य स्तर पर भू—माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाएगी। पशुओं की देखभाल के लिए सभी जिलों में आपातकालीन परिस्थितियों में पशुओं के लिए एंबुलेंस, हेल्पलाइन नंबर, जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। यह बातें शुक्रवार को पत्रकार वार्ता से पूर्व श्री लक्ष्मण गौशाला सेक्टर एफ जानकीपुरम में पहुंचे भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) के अध्यक्ष  एसपी गुप्ता ने यूनाइट फाउण्डेशन द्वारा आयोजित जीव जन्तु एवं गो कल्याण संगोष्ठी के दौरान कही। 

श्री गुप्ता ने बताया कि इस पशुओं की सुरक्षा, संवर्धन समेत अन्य कई मुद्दों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से उच्च—स्तरीय बैठक हो चुकी है। बैठक में पशुओं के लिए चारागाहों पर कब्जा जमाए भू—माफियाओं पर सख्त कार्रवाई का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का भी यह आदेश है कि चारागाहों का इस्तेमाल केवल पशु कल्याण के लिए ही किया जाए। लेकिन कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर भू—माफियाओं ने कारागाहों पर कब्जा जमा रखा है। 

इससे पहले एस.पी.गुप्ता और राजीव गुप्ता ने श्री लक्ष्मण गोशाला का निरीक्षण कर गाय की पूजा की। संगोष्ठी में उपस्थित बोर्ड के पदाधिकारयों को विभिन्न संस्थाओं ने स्मृति चिन्ह व माला फूल से उन्हे सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में दया सजीव सेवा समिति के श्री सैय्यद अली हसमैन आब्दी फैज, एमएसआरपी सेवा समिति की कविता दास, शबा खान, श्री लक्ष्मण गोशाला के अध्यक्ष प्रभु जालान, उपाध्यक्ष गिरिजा शंकर अग्रवाल, सूर्यकांत जालान, यूपी गोशाला आयोग के पूर्व सचिव, डा. पी.के. त्रिपाठी, यूनाइट फाउण्डेशन के राधेश्याम दीक्षित, संदीप पाण्डेय, शेखर उपाध्याय समेत कई लोग मौजूद थे।

 

दो परियोजनाओं की पेशकश

 श्री गुप्ता ने बताया कि सीएम के साथ बैठक में बोर्ड के तीन अन्य सदस्य गिरीश भाई शाह, राकेश गुप्ता और राजीव गुप्ता भी शामिल रहे। सीएम सीएम से इस बात का अनुरोध किया गया कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही सभी कब्जा किए गए चारागाहों को बहाल किया जाए। वहीं, सीएम योगी ने इस तरह की जमीनों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। बोर्ड ने सीएम के समक्ष राज्यों को मेट्रो और स्मार्ट शहरों के लिए दो प्रायोगिक परियोजनाओं की पेशकश की। इसमें सभी तरह के पशुओं के प्रति किसी भी तरह से क्रूरता को खत्म करने की अपील की। यह शहरों और नगरपालिका समितियों की एक समय सीमा के भीतर इस तरह की परियोजनओं को शुरू करने की पहचान करेगी। उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने एबीबीआई प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है। 

 दर्ज कराई जाएगी एफआईआर 

 उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के स्टार सलमान खान का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून से कोई बच नहीं सकता। जो भी पशुओं के साथ क्रूरता करेगा, शिकायत मिलने पर या स्वत संज्ञान लेकर बोर्ड उस पर कार्रवाई करेगा। भले ही दोषी को सजा दिलाने में देरी होगी, लेकिन पशुओं को न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पशुओं के खिलाफ क्रूरता को रोकने के लिए जल्द ही एबीबीआई नगरपालिका समिति के तहत कुछ शहरी इलाकों में कार्यक्रम शुरू करेगा। 

 धन की नहीं कोई कमी

 उन्होंने कहा कि पशु देखभाल में धन की कोई कमी नहीं है। अवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिएए भी बोर्ड प्रयास करेगा। चारागाहों का उपयोग जैविक उर्वरकों के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। रोगियों के उपचार के लिए पंचगव्य या आयुर्वेदिक दवाओं के प्रयोग को नकारा नहीं जा सकता है। 

पशओं की देखभाल के लिए 100 एकड़ से अधिक जमीन की जरूरत

उप्र जीव जन्तु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि पशुओं के संवर्धन के लिए जमीन की आवश्यकता होती है। कुछ ऐसे भी पशुशाला हैं तो नगर निगम के कारण उपेक्षित हैं। यूपी में पशओं की देखभाल के लिए 100 एकड़ से अधिक जमीन की जरूरत है। सीएम ने इस बात को बैठक में स्वीकार किया। लेकिन इसके इंक्रीमेंट हो जाए। 

गौशालाओं में जैविक खाद उत्पादन केन्द्र स्थापित करें

बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि देश में 15 हजार गौशालाएं हैं। कुछ की स्थिति अच्छी है तो कुछ की बहुत ही खराब है, इन पर ध्यान देकर सभी को बेहतर किया जाए। आज जैविक खाद की जरूरत है, ऐसे में गौशालाओं में जैविक खाद उत्पादन केन्द्र के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए। चारागाहों में अवैध रूप से कब्जा करने वालों के विरूद्ध आन्दोलन किया जाए। 

क्षमता से अधिक पशु रखना भी क्रूरता है

इस दौरान पशुओं की सुरक्षा के लिए समिति बनाकर काम कर रही कविता दास, शबा खान, कजरा व अन्य ने बोर्ड अध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। जिनका निकराकरण कराने का आश्वासन उन्होंने दिया। उन्होंने यह भी सलाह दिया कि क्षमता से अधिक पशु रखना भी क्रूरता में आता है। ऐसे में इस बात का खयाल जरूर रखें। क्योंकि अधिक पशु रखने की क्षमता नहीं है, तो आप नहीं रख सकते यह भी कानून है। 

 

Save the Children India, Best NGO to Support Child Rights, Best NGO in Lucknow, Skills Development NGO, Health NGO Lucknow, Education NGO Lucknow, NGO for Women Empowerment, NGO in India, Non Governmental Organisations, Non Profit Organisations, Best NGO in India

 


All Comments

Leave a Comment

विशिष्ट वक्तव्य 

विशिष्ट महानुभावों के वशिष्ट अवसरों पर राय

Facebook
Follow us on Twitter
Recommend us on Google Plus
Visit To Website