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अंग्रेजों का अत्याचार झेलकर भी नही खोला मुंह
22-Apr-2019    |    Views : 000133

जोगेशचंद्र चटर्जी का जन्म 1895 ई. में ढाका ज़िला बंगाल के गावदिया नामक गांव में हुआ था।

अंग्रेजों का अत्याचार झेलकर भी नही खोला मुंह

लखनऊ.जोगेशचंद्र चटर्जी का जन्म 1895 ई. में ढाका ज़िला बंगाल के गावदिया नामक गांव में हुआ था। उनके पिता खुलना ज़िले में व्यवसाय करते थे। जोगेश को शिक्षा प्राप्त करने के लिए कुमिल्ला भेजा गया था। यहीं पर उनका संपर्क प्रसिद्ध क्रांतिकारी संगठन ‘अनुशीलन समिति’ के नेता विपिन चटर्जी से हुआ और वे छोटी उम्र में ही क्रांति के रंग में रंग गए। पुलिस को जोगेशचंद्र चटर्जी की गतिविधियों पर संदेह हुआ तो 1916 में उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयत्न किया गया, पर वे चुपचाप कोलकाता चले गए। फिर भी 9 अक्टूबर, 1916 को पुलिस ने उन्हें पकड़ ही लिया। गिरफ्तारी के बाद क्रांतिकारियों का रहस्य जानने के लिए उन पर अनेक  अमानुषिक अत्याचार किए गए। गुप्त अंगों में बिजली के झटके लगाना, जाड़े में बर्फ़ की सिल्लियों पर लिटाना, मुंह में मिर्चों भरा तोबड़ा बांधना, दोनों हाथों की हथेलियों को खाट के पाये के नीचे दबाना, नाख़ूनों में सुइयाँ चुभाना आदि ऐसे अत्याचार थे जो क्रांतिकारियों पर किए जाते थे। जोगेश बाबू के साथ भी यही सब हुआ। यहाँ तक की बाल्टी में मल-मूत्र मिलाकर उससे उन्हें नहला दिया गया, मल से भरे कमोड़ में उनका मुंह डाल दिया गया। इस सब के बाद भी पुलिस, दल की कोई बात उनके मुंह से नहीं निकलवा सकी। उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। जेल से जोगेशचंद्र चटर्जी सितंबर, 1920 को ही बाहर आ सके।

अनुशीलन पार्टी बंगाल के बाहर भी अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों का विस्तार करना चाहती थी। इसके लिए जोगेशचंद्र चटर्जी को उत्तर प्रदेश भेजा गया। यहाँ उन्होंने वाराणसी और कानपुर को अपनी गतिविधियों का केन्द्र बनाया। धीरे-धीरे उनका संपर्क यहाँ के क्रांतिकारियों से हुआ। इनमें शचीन्द्रनाथ सान्याल, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और काकोरी कांड के अन्य क्रांतिकारी सम्मिलित थे। 9 अगस्त, 1925 को लखनऊ के निकट काकोरी नामक स्थान पर रेलगाड़ी को रोककर कुछ क्रांतिकारियों ने सरकारी ख़ज़ाना लूट लिया था। इसके बाद देश-भर में गिरफ्तारियाँ हुईं। जोगेशचंद्र चटर्जी कोलकाता में पकड़े गए। इस केस में उन पर भी मुकदमा चला और आजन्म कैद की सज़ा हुई। यह सज़ा उन्होंने जेलों में दुर्व्यवहार के विरुद्ध समय-समय पर भूख हड़ताल करते हुए फतेहगढ़, आगरा और लखनऊ की जेलों में पूरी की। 1937 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों की स्थापना के बाद ही वे रिहा हुए थे।

जेल से बाहर आने पर जोगेशचंद्र चटर्जी अपनी पुरानी गतिविधियों में पुनः संलग्न हुए ही थे कि 1940 में गिरफ्तार करके उन्हें देवली कैम्प जेल में डाल दिया गया। वहाँ के दुर्व्यवहार के विरुद्ध अनशन करने पर वे छोड़ तो दिए गए लेकिन 1942 में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में फिर जेल में डाल दिए गए। अंत में 19 अप्रैल, 1946 को उनकी रिहाई हुई। स्वतंत्रता के बाद जोगेशचंद्र चटर्जी कांग्रेस के टिकट पर राज्य सभा के सदस्य रहे। 1958 में उन्होंने दिल्ली में समस्त जीवित क्रांतिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया था, जिसमें स्वामी विवेकानंद के छोटे भाई डॉ. भूपेन्द्रनाथ दत्त तथा अरविंद घोष के छोटे भाई वारीन्द्र कुमार घोष ने भी भाग लिया था। इस अवसर पर नेहरू जी ने क्रांतिकारियों का सम्मान किया। जोगेश बाबू कुल मिलाकर 24 वर्ष जेलों के भीतर काटे और उनके अनशन की अवधि भी 2 वर्ष से अधिक ही रही।

 

22 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 

पुर्तगाली नाविक पेड्रो अलवेयर कैब्राल ने 1500 में ब्राजील की खोज की।

फ्रांसीसी सम्राट फ्रेंकाइस प्रथम ने 1521 में स्पेन पर आक्रमण की घोषणा की।

अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने 1792 में यूरोप के युद्ध में अमेरिकी तटस्थता की घोषणा की।

यूनान के एथेंस में 1906 में 10वें ओलंपिक खेलों की शुरूआत हुई।

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 1915 में जर्मन सेना ने पहली बार जहरीली गैस का इस्तेमाल किया।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने 1921 में इंडियन सिविल सर्विस से त्यागपत्र दिया।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1944 में मित्र राष्ट्रों ने न्यू गिनी में जापान के खिलाफ एक बड़े हमले की शुरुआत की।

तत्कालीन सोवियत रूस 1954 में यूनेस्को में शामिल हुआ।

एडमिरल आर डी कटारी 1958 में भारतीय नौसेना में पहले प्रमुख बने।

तत्कालीन सोवियत रूस ने 1966 में भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।

सन 1970 में दुनिया में पहली बार पृथ्‍वी दिवस मनाया गया।

ऑप्टिकल फाइबर को 1977 में पहली बार टेलीफोन ट्रैफिक में यूज किया गया।

अंतरिक्ष यान “सोयूज टी-8” 1983 में पृथ्वी पर लौटा।

बांडुंग (इंडोनेशिया) में 2005 में 50 वर्षों के बाद दूसरा एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन आरम्भ।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 2008 में लुडविग नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सन 2012 में लंदन मैराथन के दौरान एक 30 वर्षीय महिला प्रतिभागी की अचानक गिरकर मौत हुई।

 

22 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति

 

भारत के अंतिम मुगल सम्राट अकबर द्वितीय का 1760 में जन्म।

रूस के मार्क्सवादी विचारक व्लादिमीर लेनिन का 1870 में जन्म हुआ था।

बंगाली सिनेमा के पहले स्टार कन्नन देवी का 1916 में जन्म।

भारतीय लेखक चेतन भगत का 1974 में जन्म।

 

22 अप्रैल को हुए निधन

 

‘काकोरी कांड’ के प्रसिद्ध क्रांतिकारी जोगेशचंद्र चटर्जी का 1969 में निधन।

समाज सुधारक मंगूराम का 1980 में निधन।

भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों में से एक तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल महमूद अली ख़ाँ का 2001 में निधन।

भारत के प्रसिद्ध वायलिन वादक लालगुड़ी जयरमण का 2013 में निधन।

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