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12 वर्ष में ही 12हवीं की परीक्षा भारत कोकिला ने कर ली पास
13-Feb-2019    |    Views : 000141

LUCKNOW. सरोजिनी नायडू का जन्म भारत के हैदराबाद नगर में हुआ था। इनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय एक नामी विद्वान तथा माँ कवयित्री थीं और बांग्ला में लिखती थीं। बचपन से ही कुशाग्र-बुद्धि होने के कारण उन्होंने 12 वर्ष की अल्पायु में ही 12हवीं की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण की

12 वर्ष में ही 12हवीं की परीक्षा भारत कोकिला ने कर ली पास

LUCKNOW. सरोजिनी नायडू का जन्म भारत के हैदराबाद नगर में हुआ था। इनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय एक नामी विद्वान तथा माँ कवयित्री थीं और बांग्ला में लिखती थीं। बचपन से ही कुशाग्र-बुद्धि होने के कारण उन्होंने 12 वर्ष की अल्पायु में ही 12हवीं की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण की और 13 वर्ष की आयु में लेडी ऑफ दी लेक नामक कविता रची। सर्जरी में क्लोरोफॉर्म की प्रभावकारिता साबित करने के लिए हैदराबाद के निज़ाम द्वारा प्रदान किए गए दान से "सरोजिनी नायडू" को इंग्लैंड भेजा गया था सरोजिनी नायडू को पहले लंदन के किंग्स कॉलेज और बाद में कैम्ब्रिज के गिरटन कॉलेज में अध्ययन करने का मौका मिला।

वे 1895 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड गईं और पढ़ाई के साथ-साथ कविताएँ भी लिखती रहीं। गोल्डन थ्रैशोल्ड उनका पहला कविता संग्रह था। उनके दूसरे तथा तीसरे कविता संग्रह बर्ड ऑफ टाइम तथा ब्रोकन विंग ने उन्हें एक सुप्रसिद्ध कवयित्री बना दिया।

1898 में सरोजिनी नायडू, डॉ॰ गोविंदराजुलू नायडू की जीवन-संगिनी बनीं। 1914 में इंग्लैंड में वे पहली बार गाँधीजी से मिलीं और उनके विचारों से प्रभावित होकर देश के लिए समर्पित हो गयीं। एक कुशल सेनापति की भाँति उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय हर क्षेत्र (सत्याग्रह हो या संगठन की बात) में दिया। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय आंदोलनों का नेतृत्व किया और जेल भी गयीं। संकटों से न घबराते हुए वे एक धीर वीरांगना की भाँति गाँव-गाँव घूमकर ये देश-प्रेम का अलख जगाती रहीं और देशवासियों को उनके कर्तव्य की याद दिलाती रहीं। उनके वक्तव्य जनता के हृदय को झकझोर देते थे और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए प्रेरित कर देते थे। वे बहुभाषाविद थी और क्षेत्रानुसार अपना भाषण अंग्रेजी, हिंदी, बंगला या गुजराती में देती थीं। लंदन की सभा में अंग्रेजी में बोलकर इन्होंने वहाँ उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था।

अपनी लोकप्रियता और प्रतिभा के कारण 1925 में कानपुर में हुए कांग्रेस अधिवेशन की वे अध्यक्षा बनीं और 1932 में भारत की प्रतिनिधि बनकर दक्षिण अफ्रीका भी गईं। भारत की स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद वे उत्तरप्रदेश की पहली राज्यपाल बनीं। श्रीमती एनी बेसेन्ट की प्रिय मित्र और गाँधीजी की इस प्रिय शिष्या ने अपना सारा जीवन देश के लिए अर्पण कर दिया। 2 मार्च 1949 को उनका देहांत हुआ। 13 फरवरी 1964 को भारत सरकार ने उनकी जयंती के अवसर पर उनके सम्मान में 15 नए पैसे का एक डाकटिकट भी जारी किया।

13 फ़रवरी का इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेंमे, उन लोगों के जन्मदिन के बारेमें जिन्होंने दुनिया में आकर बहुत बड़ा नाम किया साथ ही उन मशहूर लोगों के बारेंमे जो इस दुनिया से चले गए।

13 फ़रवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

इंग्लैंड की रानी कैथरीन हवाई को 1542 में मौत के घाट उतार दिया गया।

फ्रांस के राजा हेनरी तृतीय का 1575 में रेम्स में राज्याभिषेक।

लंदन में 1601 में ईस्ट इंडिया कम्पनी की पहली यात्रा का नेतृत्व जान लैंकास्टर ने किया।

इटली के खगोलशास्त्री गैलीलियो को 1633 में रोम पहुँचने पर गिरफ़्तार कर लिया गया।

स्पेन ने पुर्तग़ाल को 1688 में एक अलग राष्ट्र स्वीकार किया।

विलियम और मैरी 1689 में इंग्लैंड के संयुक्त शासक घोषित हुए।

अमेरिका में 1795 में पहला स्टेट यूनिवर्सिटी उत्तरी कैरोलिना में खुला।

सन 1820 में फ़्रांसीसी तख्त के दावेदार डक की बेरी की हत्या कर दी गई।

नेपल्स के फ़्रांसीसी द्वितीय ने 1861 में ग्यूसेपी गैरिबाल्डी के आगे हथियार डाले।

अमेरिका में 1920 में बेसबॉल की नीग्रो नेशनल लीग स्थापित हुई।

सोवियत संघ ने 1945 में जर्मनी के साथ 49 दिन तक चले युद्ध के बाद हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पर कब्जा किया जिसमें एक लाख 59 हजार लोग मारे गये।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1948 में आज ही के दिन आमरण अनशन शुरू किया।

सन 1959 में बच्चों की पसंदीदा बार्बी डॉल की बिक्री शुरू हुई।

सोवियत संघ ने 1966 में पूर्वी कजाखस्तान में परमाणु परीक्षण किया।

तुर्की ने 1975 में साइप्रस के उत्तरी भाग में अलग प्रशासन की स्थापना की।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1984 में नौसेना के लिए मुंबई स्थित मझगांव डॉक का शुभारंभ किया।

अमेरिका, ब्रिटेन तथा फ्रांस ने 1990 में जर्मनी को फिर से एकीकृत करने की सहमति दी।

अंतरिक्ष में क्षुद्रग्रह ‘इरोस’ पर 2001 में पहला मानव रहित यान उतरा।

सन 2003 में यश चोपड़ा को दादासाहब फालके पुरस्कार मिला।

भारतीय टीम ने 2004 में क्वालालम्पुर में दसवीं एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

इराक में 2005 में सद्दाम हुसैन के बाद हुए पहले चुनाव में शिया इस्लामिक मोर्चे की जीत।

उत्तर कोरिया 2007 में परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर सहमत।

13 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति

1995 में भारत के ऊँची कूद के खिलाड़ी वरुण भाटी का जन्म।

1879 में भारत कोकिला कहे जाने वाली तथा स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू का जन्म।

1915 में भारत के प्रसिद्ध कवियों, लेखकों और साहित्यकारों में से एक गोपाल प्रसाद व्यास का जन्म।

1911 में प्रसिद्ध शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का जन्म।

1916 में भारतीय सेना के कमांडर जगजीत सिंह अरोड़ा का जन्म।

1944 में भारतीय अभिनेता ओडूविल उन्नीकृष्णनन का जन्म।

1949 में पहले भारतीय और 138 अंतरिक्ष यात्रियों में से एक राकेश शर्मा का जन्म।

1978 में भारतीय अभिनेता अश्मित पटेल का जन्म।

1958 में समकालीन कवयित्री रश्मि प्रभा का जन्म।

1959 में समकालीन कवि कमलेश भट्ट कमल का जन्म।

1945 में भारतीय सिनेमा के अभिनेता विनोद मेहरा का जन्म।

13 फ़रवरी को हुए निधन – Died on 13 February

1832 में प्रसिद्ध क्रांतिकारी बुधु भगत का निधन।

1974 में भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक उस्ताद अमीर ख़ाँ का निधन।

1976 में भारत के प्रसिद्ध तबला वादक अहमद जान थिरकवा का निधन।

1988 में चीन के राष्ट्रपति चिंग चियांग कुमो की मृत्यु।

2000 में बहुचर्चित पीनट्स कॉमिक पट्टी के सर्जक चार्ल्स शुल्ज का निधन।

2008 में हिंदी सिनेमा के हास्य कलाकार राजेंद्र नाथ का निधन।

2015 में दलित लेखन में अपना एक अलग स्थान रखने वाले साहित्यकार डॉ. तुलसीराम का निधन।

 

 

 

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