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लखनऊ ने शकील अहमद से  बनाया शकील बदायूँनी
20-Apr-2019    |    Views : 000348

शकील बदायूँनी जन्म 3 अगस्त 1916 बदायूँ मे हुआ था। वो महान् शायर और गीतकार थे। तहजीब के शहर लखनऊ ने फ़िल्म जगत को कई हस्तियां दी हैं, जिनमें से एक गीतकार शकील बदायूँनी भी हैं।

लखनऊ ने शकील अहमद से बनाया शकील बदायूँनी

लखनऊ. शकील बदायूँनी जन्म 3 अगस्त 1916 बदायूँ मे हुआ था। वो महान् शायर और गीतकार थे। तहजीब के शहर लखनऊ ने फ़िल्म जगत को कई हस्तियां दी हैं, जिनमें से एक गीतकार शकील बदायूँनी भी हैं। अपनी शायरी की बेपनाह कामयाबी से उत्साहित होकर उन्होंने अपनी आपूर्ति विभाग की सरकारी नौकरी छोड़ दी थी और वर्ष 1946 में दिल्ली से मुंबई आ गये थे। शकील बदायूँनी को अपने गीतों के लिये लगातार तीन बार फ़िल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया। उन्हें अपना पहला फ़िल्मफेयर पुरस्कार वर्ष 1960 में प्रदर्शित "चौदहवी का चांद" फ़िल्म के 'चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो..' गाने के लिये दिया गया था। लखनऊ ने उन्हें एक शायर के रूप में शकील अहमद से शकील बदायूँनी बना दिया। अपने दूर के एक रिश्तेदार और उस जमाने के मशहूर शायर जिया उल कादिरी से शकील बदायूँनी ने शायरी के गुर सीखे। शकील बदायूँनी ने अपनी शायरी में ज़िंदगी की हकीकत को बयाँ किया। उन्होंने ऐसे गीतों की रचना की जो ज्यादा रोमांटिक नहीं होते हुये भी दिल की गहराइयों को छू जाते थे।

अलीगढ़ से बी.ए. पास करने के बाद वर्ष 1942 मे वह दिल्ली पहुंचे जहाँ उन्होंने आपूर्ति विभाग में आपूर्ति अधिकारी के रूप में अपनी पहली नौकरी की। इस बीच वह मुशायरों में भी हिस्सा लेते रहे जिससे उन्हें पूरे देश भर में शोहरत हासिल हुई। मुंबई में उनकी मुलाकात उस समय के मशहूर निर्माता ए.आर.कारदार उर्फ कारदार साहब और महान् संगीतकार नौशाद से हुई। यहाँ उनके कहने पर उन्होंने 'हम दिल का अफ़साना दुनिया को सुना देंगे, हर दिल में मोहब्बत की आग लगा देंगे...' गीत लिखा। यह गीत नौशाद साहब को काफ़ी पसंद आया जिसके बाद उन्हें तुरंत ही कारदार साहब की दर्द के लिये साईन कर लिया गया। शकील बदायूँनी ने क़रीब तीन दशक के फ़िल्मी जीवन में लगभग 90 फ़िल्मों के लिये गीत लिखे। उनके फ़िल्मी सफर पर एक नजर डालने से पता चलता है कि उन्होंने सबसे ज्यादा फ़िल्में संगीतकार नौशाद के साथ ही की।

शकील बदायूँनी की जोड़ी प्रसिद्ध संगीतकार नौशाद और हेमंत कुमार के साथ खूब जमी। शकील बदायूँनी ने हेमन्त कुमार के संगीत निर्देशन में बेकरार कर के हमें यूं न जाइये.., कहीं दीप जले कहीं दिल.. जरा नजरों से कह दो जी.. निशाना चूक ना जाये.. (बीस साल बाद, 1962) और भंवरा बड़ा नादान है बगियन का मेहमान है.., ना जाओ सइयां छुड़ा के बहियां.. (साहब बीबी और ग़ुलाम, 1962), जब जाग उठे अरमान तो कैसे नींद आये.. (ज़िंदगी और मौत, 1963) जैसे गीत आये। सी. रामचन्द्र के संगीत से सजा उनका दिल लगाकर हम ये समझे ज़िंदगी क्या चीज़ है.. (ज़िंदगी और मौत, 1965) गीत आज भी बहुत पसंद किया जाता है। निर्माता-निर्देशक ए.आर.कारदार की फ़िल्मों में भी शकील बदायूँनी के लिखे गीतों का अहम योगदान रहा है। इन दोनों की जोड़ी की सबसे पहली फ़िल्म वर्ष 1947 में प्रदर्शित फ़िल्म दर्द थी और शकील बदायूँनी की पहली ही फ़िल्म थी जो सुपरहिट भी हुई थी। इसके बाद इन दोनों की जोड़ी ने दुलारी, दिल्लगी, दास्तान, जादू, दीवाना, दिले नादान, दिल दिया दर्द लिया जैसी कई सुपरहिट फ़िल्मों मे एक साथ काम किया। कारदार साहब के अलावा उन्होंने गुरुदत्त, महबूब खान, के आसिफ, राज खोसला, नितिन बोस की फ़िल्मों को भी अपने गीत से सजाया है।

 अभिनय सम्राट दिलीप कुमार की फ़िल्मों की कामयाबी में भी शकील बदायूँनी के रचित गीतों का अहम योगदान रहा है। इन दोनों की जोड़ी वाली फ़िल्मों में मेला, बाबुल, दीदार, आन, अमर, उड़न खटोला, कोहिनूर, मुग़ले आज़म, गंगा जमुना, लीडर, दिल दिया दर्द लिया, राम और श्याम, संघर्ष और आदमी शामिल है। लगभग 54 वर्ष की उम्र मे 20 अप्रैल 1970 को उन्होंने अपनी अंतिम सांसें ली। शकील बदायूँनी की मृत्यु के बाद उनके मित्रों नौशाद, अहमद जकारिया और रंगून वाला ने उनकी याद मे एक ट्रस्ट 'यादें शकील' की स्थापना की ताकि उससे मिलने वाली रकम से उनके परिवार का खर्च चल सके।

 

20 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 

  •  जहांदर शाह 1712 में दिल्ली की गद्दी पर बैठा।
  •   न्यूयॉर्क ने 1777 में एक स्वतंत्र राज्य के रूप में नया संविधान अपनाया।
  •   उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 1888 में ओले गिरने से 246 लोगों की मौत।
  •  अलबामा और मिसीसीपी में 1920 में आये तूफान से 220 लोगों की मौत।
  •  जर्मनी में तानाशाह एडोल्फ हिटलर के 50वें जन्मदिन को 1939 में राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया गया।
  •  सन 1940 में आरसीए द्वारा पहला इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप दिखाया गया था।
  •  कोरिया और संयुक्त राष्‍ट्र सेना के बीच 1953 में बीमार युद्ध बंदियों का आदान प्रदान हुआ था।
  •  एयर इंडिया के बेड़े में 1960 में पहला जेट विमान बोइंग 707 शामिल हुआ।
  •  भारत ने 1971 में अपना पहला टेस्ट क्रिकेट मैच जीता।
  •  अपोलो-16 अभियान 1972 में छह घंटों तक संकट से जूझने के बाद चंद्रमा पर उतर गया। जॉन यंग और चार्ल्स ड्यूक की टीम चंद्रमा पर उतरने वाली इतिहास की पांचवीं टीम बनी।
  •  कनाडा का “एएमआईके ए-2” 1973 में पहला व्यावसायिक उपग्रह बना।
  •  सोवियत वायुसेना ने 1978 में दक्षिण कोरियाई यात्री विमान संख्या 902 पर गोलीबारी करके उसे गिराया।
  •  दुनिया का सबसे बड़ा मेला 1992 में एक्सपो ’92, सेविले, स्पेन में खोला गया।
  •  श्री इन्द्र कुमार गुजराल 1997 में भारत के 12वें प्रधानमंत्री बने।
  •  जर्मनी के पूर्व चांसलर हेल्मुट कोल को 1999 में अमेरिकी सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द प्रेसिडेंशियल मेडल आॅफ फ्रीडम’ से सम्मानित।
  •  1999 में अमरीकी नगर डेनवर के कोलंबाइन स्कूल में हाई स्कूल के दो छात्रों ने अंधाधुँध गोलीबारी में 25 लोगों को मार दिया था।
  •  भारत ने 2006 में अपना पहला विदेशी सैन्य अड्डा ताजिकिस्तान में स्थापित करने की घोषणा की।
  •  महाराष्ट्र भाजपा के नेता व राष्ट्रीय महासचिव गोपीनाथ मुण्डे ने 2008 में अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।
  •  अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नौ दिन बिताने के बाद 2008 में पहले दक्षिण कोरियाई अंतरिक्ष यात्री यीसोयओन पृथ्वी पर सकुशल लौटे।
  •  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उपग्रह प्रक्षेपण यान ‘पीएसएलवी’ ने 2011 में तीन उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किया।
  •  अमेरिकी मीडिया ने 2012 में भारत के अग्नि-5 मिसाइल के सफल परीक्षण पर कहा है कि इससे भारत को उसके पड़ोसी देश चीन के बराबर में खड़ा कर दिया है।

 

20 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति

 

  •  अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि जॉन इलियट का जन्म 1592 में हुआ।
  •  उर्दू के जनक मौलवी अब्दुल हक का 1878 में जन्म।
  •  जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर का 1889 में जन्म हुआ।
  •  उड़िया भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार गोपीनाथ मोहंती का जन्म 1914 में हुआ।
  •  प्रसिद्ध भजन गायिका जुथिका रॉय का जन्म 1920 में हुआ।
  •  एक लेखक होने के साथ-साथ उत्कृष्ठ कोटि के अनुवादक चन्द्रबली सिंह का जन्म 1924 में हुआ।
  •  प्रसिद्ध राजनेता एवं आंध्र प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का जन्म 1950 में हुआ।
  •  मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा का जन्म 1965 में हुआ।
  •  भारतीय अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का जन्म 1972 में हुआ।

 

20 अप्रैल को हुए निधन

 

 

  •  1912 में आयरिश उपन्यासकार ब्रैम स्टोकर का निधन।
  •  1947 में भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार गौरीशंकर हीराचंद ओझा का निधन।
  •  1960 में भारत के प्रसिद्ध बाँसुरी वादक पन्नालाल घोष का निधन।
  •  2004 में राजस्थान के ऐसे व्यक्ति, जो राजस्थानी लोक गीतों व कथाओं आदि के संकलन एवं शोध हेतु समर्पित कोमल कोठारी का निधन।
  •  1970 में भारतीय गीतकार और शायर शकील बदायूँनी का निधन हुआ।

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