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पेड़ों के कटान पर दिए गए प्रदेश सरकार की छूट पर एनजीटी ने लगाई रोक
19-Sep-2018    |    Views : 000286

पेड़ों के कटान पर दिए गए प्रदेश सरकार की छूट पर एनजीटी ने लगाई रोक

 

LUCKNOW. राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण(एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय पर अंकुश लगा दिया है। प्राधिकरण ने 62 जिलों में पांच और 13 जिलों में छह प्रजातियों को छोड़ कर सभी प्रकार के पेड़ों के कटान की सरकार द्वारा दी गई छूट पर रोक लगा दी है। एनजीटी ने कहा है कि नियम विरुद्ध पेड़ों को काटना वन संरक्षण अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। इससे पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।

राज्य सरकार के इस निर्णय पर कड़ी टिप्पणी करते हुए एनजीटी ने कहा है कि अंधाधुंध कटान की अनुमति कतई नहीं दी जा सकती। सरकार के निर्णय से पर्यावरण संतुलन बिगड़ेगा। हरे-भरे पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग या अन्य सक्षम स्तर से अनुमति जरूरी है।

पिछले वर्ष 31 अक्तूबर को राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर प्रदेश के 62 जिलों में आम, नीम, महुआ, साल और खैर के पेड़ों को छोड़ किसी भी पेड़ के कटान के लिए छूट दे दी थी। इससे संबंधित 62 जिलों में उक्त पांच प्रजातियों के पेड़ों को छोड़ किसी अन्य प्रजातियों के पेड़ों के कटान के लिए किसी से अनुमति की जरूरत नहीं रह गई थी। इसी प्रकार से शेष बचे 13 जिलों में छह प्रजाति मसलन आम, नीम, महुआ, साल, खैर और सागौन को छोड़ अन्य सभी प्रजातियों की कटान पर छूट दे दी गई थी।

पर्यावरण प्रेमियों की माने तो सरकार के निर्णय का सबसे अधिक फायदा अवैध कटान में लगे वन माफियाओं व आरा मिलों ने उठाना शुरू कर दिया। लिहाजा मामले को एनजीटी की समक्ष रखा। एनजीटी ने पेड़ों की कटान पर रोक लगाते हुए बीती 11 सितंबर को जारी आदेश में कहा है कि राज्य सरकार अपने आदेश के प्रभाव का आंकलन करे। बेहतर होगा राष्ट्रीय वन संरक्षण अधिनियम को ध्यान में रखकर नीति बनाए और एग्रो फॉरेस्ट्री (कृषि वानिकी) के लिए कुछ प्रजातियां चिन्हित करे ताकि हरियाली बढ़े और पर्यावरण को नुकसान न हो।

एनजीटी ने पूर्व की व्यवस्था को फिर से बहाल कर दिया है जिसके तहत अलग-अलग जिलों में अलग-अलग प्रजातियों के पेड़ों की कटान पर छूट है। मसलन कुशीनगर में कटहल व शीशम पर छूट है लेकिन पड़ोस के जिले गोरखपुर में इन दोनों प्रजातियों में से किसी पर भी कोई छूट नहीं है। जंगल जलेबी के कटान पर ज्यादातर जिलों में छूट है तो कटहल पर कुछ ही जिलों में यह छूट दी जाती रही है। अलबत्ता, एनजीटी ने एक जिले से दूसरे जिले के लिए लकड़ियों के निर्बाध ढुलान पर राज्य सरकार द्वारा जारी छूट पर कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया है।

 

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