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वर्ष में तीन ही लोगों को दिया जा सकता यह सम्मान
02-Jan-2019    |    Views : 000183

LUCKNOW. भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी।

वर्ष में तीन ही लोगों को दिया जा सकता यह सम्मान

LUCKNOW. भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। अन्य अलंकरणों के समान इस सम्मान को भी नाम के साथ पदवी के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। प्रारम्भ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, यह प्रावधान 1955 में बाद में जोड़ा गया। तत्पश्चात् 13 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। सुभाष चन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरान्त मरणोपरान्त सम्मान पाने वालों की संख्या 12 मानी जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है।

 2 जनवरी का इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेंमे, उन लोगों के जन्मदिन के बारेमें जिन्होंने दुनिया में आकर बहुत बड़ा नाम किया साथ ही उन मशहूर लोगों के बारेंमे जो इस दुनिया से चले गए। इन सभी लोगों के बारें में जानकर हम अपना सामान्य ज्ञान बढ़ा सकते है।

2 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

ब्रिटिश सैनिकों ने भारत के कलकत्ता शहर (अब कोलकाता) पर 1757 में कब्जा किया।

फ्रांसिसी फोटोग्राफर लुई दागुएरे ने 1839 में चांद की पहली फोटो प्रदर्शित की।

लोकप्रिय नाट्यकर्मी सफदर हाशमी को 1989 में एक नाटक के दौरान असामाजिक तत्वों ने बड़ी बेहरमी से पीटा इसी कारण उनकी मौत 2 जनवरी को हो गई।

रामकृष्ण के आदेश के बाद 1899 में साधु कलकत्ता (अब कोलकाता) स्थित बेलूर मठ में रहने लगे।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1942 में जापानी सेना ने फिलीपींस की राजधानी मनीला पर कब्जा किया।

पद्म विभूषण पुरस्कार की स्थापना 2 जनवरी 1954 में की गयी थी।

भारत रत्‍न पुरस्कार 2 जनवरी 1954 को प्रारम्भ किया गया था।

जनरल मानिक शॉ को 1973 में फ़ील्ड मार्शल बनाया गया।

रणसिंधे प्रेमदास 1989 में श्रीलंका के राष्ट्रपति बने।

तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डा को 1991 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया गया।

2 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

केरल के प्रसिद्ध समाज सुधारक मन्नत्तु पद्मनाभन का जन्म 1878 में हुआ।

हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथाकार और उपन्यासकार जैनेन्द्र कुमार का जन्म 1905 में हुआ।

प्रसिद्ध भारतीय उद्यमी थे, जिनका भारत के दुग्ध उद्योग में योगदान डी. एन. खुरोदे का जन्म 1906 में हुआ।

भारतीय अमरीकी गणितज्ञ एस. आर. श्रीनिवास वर्द्धन का जन्म 1940 में हुआ।

प्रसिद्ध तैराक बुला चौधरी का जन्म 1970 में हुआ।

2 जनवरी को हुए निधन

प्रसिद्ध महिला स्वतंत्रता सेनानी तथा समाज सुधारका डॉ. राधाबाई की 2 जनवरी 1950 को मृत्यु।

‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस’ के प्रमुख नेता तथा आधुनिक उड़ीसा के निर्माताओं में से एक हरे कृष्ण मेहताब की 2 जनवरी 1987 को मृत्यु।

प्रसिद्ध मार्क्सवादी नाटककार, कलाकार, निर्देशक एवं गीतकार सफ़दर हाशमी की 2 जनवरी 1989 को मृत्यु।

गुजराती साहित्यकार राजेन्द्र शाह की 2 जनवरी 2010 को मृत्यु।

प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बली राम भगत की 2 जनवरी 2011 को मृत्यु।

 

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