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ब्रिटेन की महारानी ने ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत के साथ व्यापार करने के लिये दिया 21 सालो तक की छूट
31-Dec-2018    |    Views : 000212

LUCKNOW. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 31 दिसम्बर 1600 ईस्वी में हुई थी। इसे यदाकदा जॉन कंपनी के नाम से भी जाना जाता था। इसे ब्रिटेन की महारानी ने भारत के साथ व्यापार करने के लिये 21 सालो तक की छूट दे दी। बाद में कम्पनी ने भारत के लगभग सभी क्षेत्रों पर अपना सैनिक तथा प्रशासनिक अधिपत्य जमा लिया। 1858 में इसका विलय हो गया।

ब्रिटेन की महारानी ने ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत के साथ व्यापार करने के लिये दिया 21 सालो तक की छूट

LUCKNOW. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 31 दिसम्बर 1600 ईस्वी में हुई थी। इसे यदाकदा जॉन कंपनी के नाम से भी जाना जाता था। इसे ब्रिटेन की महारानी ने भारत के साथ व्यापार करने के लिये 21 सालो तक की छूट दे दी। बाद में कम्पनी ने भारत के लगभग सभी क्षेत्रों पर अपना सैनिक तथा प्रशासनिक अधिपत्य जमा लिया। 1858 में इसका विलय हो गया।

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी 1600 में कंपनी व्यापारियों की लंदन के ईस्ट इंडीज में व्यापार के रूप में स्थापित किया गया था यह 1612 में भारत में एक पैर जमाने बाद मुगल सम्राट जहांगीर द्वारा दिए गए अधिकारों के एक कारखाने, या सूरत के पश्चिमी तट पर बंदरगाह में व्यापारिक पोस्ट 1640 में स्थापित की। विजयनगर शासक से इसी तरह की अनुमति प्राप्त करने के बाद आगे दक्षिण, एक दूसरे कारखाने के दक्षिणी तट पर मद्रास में स्थापित किया गया था। बंबई द्वीप, सूरत से अधिक दूर नहीं था, एक पूर्व पुर्तगाली चौकी ब्रागणसा की कैथरीन के चार्ल्स द्वितीय शादी में दहेज के रूप में इंग्लैंड के लिए भेंट की चौकी, 1668 में कंपनी द्वारा पट्टे पर दे दिया गया था। दो दशक बाद, कंपनी पूर्वी तट पर एक उपस्थिति के रूप में अच्छी तरह से स्थापित हुई और, गंगा नदी डेल्टा में एक कारखाने को कोलकाता में स्थापित किया गया था। के बाद से, इस समय के दौरान अन्य कंपनियों पुर्तगाली, डच, फ्रेंच और डेनिश थे इसी तरह इस क्षेत्र में विस्तार की स्थापना की, तटीय भारत पर अंग्रेजी कंपनी की शुरुआत भारतीय उपमहाद्वीप पर एक लंबी उपस्थिति निर्माण करे ईस का कोई सुराग पेशकश नहीं की।

31 दिसंबर को देश और दुनिया के इतिहास की पूरी जानकारी देने का एक छोटासा प्रयास कर रहे हैं ताकि आपका ज्ञान और बढ़ सके।

31 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

इटली के सिसली क्षेत्र से 1492 में 100,000 यहूदियों को निकाला गया।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की 1600 में स्थापनी हुई।

अमेरिका में 1781 में पहला बैंक ‘बैंक ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ में खुला।

पेशवा बाजीराव द्वितीय को 1802 में ब्रिटिश संरक्षण प्राप्त हुआ।

महात्मा गाँधी के नेतृत्व में काँग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 1929 में लाहौर में पूर्ण स्वराज्य के लिए आंदोलन शुरू किया।

अमेरिकी राज्य उताह के ओगडन में 1944 में रेल दुर्घटना में 48 लोगों की मौत।

द्वितीय विश्व युद्ध में हंगरी ने 1944 में जर्मनी के ख़िलाफ़ युद्ध की घोषणा की।

विश्व के 18 देशों ने 1949 में इंडोनेशिया को मान्यता दी।

हालैंड ने 1962 में दक्षिण पश्चिम प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप न्यू गिनी को छोड़ा।

इंडोनेशिया को 1964 में संयुक्त राष्ट्र से निष्कासित किया गया।

डोनल्ड कैम्पबेल ने 1964 में अपनी स्पीडबोट 444.71 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाई और उस वर्ष का दुनिया में पानी पर सबसे तेज़ गति से चलने का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

घाना में सैनिक क्रान्ति द्वारा 1981 में राष्ट्रपति डाक्टर लिम्मान सत्ताच्युत एवं फ़्लाइट लेफ़्टिनेंट जेरी रालिंग्स ने सत्ता संभाली।

ब्रुनेई को 1983 में ब्रिटेन से आजादी मिली।

राजीव गाँधी 1984 में 40 वर्ष की उम्र में भारत के सातवें प्रधानमंत्री बने।

मो. अज़हरुद्दीन ने 1984 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट मैच खेलकर अपने अंतर्राष्ट्रीए क्रिकेट जीवन की शुरुआत की। बाद में वे भारतीय टीम के कप्तान भी बने।

परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान ने 1988 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किया जो 27 जनवरी 1991 से प्रभावी हुआ।

मोहम्मद रफ़ीक तरार 1997 में पाकिस्तान के 9वें राष्ट्रपति निर्वाचित।

रूस द्वारा 1998 में कज़ाकिस्तान अंतरिक्ष केंद्र से तीन उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण।

सन 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान 814 का अपहरण कर अफ़ग़ानिस्तान के कंधार हवाई अड्डे ले जाया गया। सात दिन के बाद 190 लोगों की सुरक्षित रिहाई के साथ यह बंधक संकट टला।

भारत ने 2001 में पाकिस्तान को 20 वांछित अपराधियों की सूची सौंपी। अर्जेन्टीना के राष्ट्रपति फ़र्नांडों रूआ ने अपने पद इस्तीफ़ा दिया।

भारत और सार्क के दूसरे देशों के विदेश सचिवों ने 2003 में शिखर सम्मेलन से पहले वार्ता शुरू की।

ब्यूनर्स आयर्स (अर्जेन्टीना) के एक नाइट क्लब में 2004 में आग लगने से 175 लोगों की मौत।

सुरक्षा कारणों से संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2005 में मलेशिया में अपने दूतावास को अनिश्चित काल के लिए बंद किया।

म्यांमार की सैन्य सरकार ने 2007 में सात विपक्षी नेताओं को गिरफ़्तार किया।

ईश्वरदास रोहिणी को 2008 में दूसरी बार मध्य प्रदेश विधानसभा का अध्यक्ष बनाने की घोषणा हुई।

चीन के शंघाई शहर में 2014 में नए साल की पूर्व संध्या पर मची भगदड़ में कम से कम 36 लोग मारे गए और 49 अन्य घायल हो गये।

31 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति

बिहार के मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण बल्लभ सहाय का 1866 में जन्‍म हुआ था।

व्यंग्य लेखन के विख्यात साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल का 1925 में जन्‍म हुआ था।

31 दिसंबर को हुए निधन

दुनिया के जाने-माने फिजिसिस्‍ट और केमिस्‍ट रॉबर्ट बॉयल का 1691 में निधन हुआ था।

प्रसिद्ध भारतीय लेखक, इतिहासकार, श्रेष्ठ वक्ता और विद्वान् विश्वनाथ काशीनाथ राजवाडे का 1926 में निधन हुआ था।

मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ल का 1956 में निधन हुआ था।

 

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