EMAIL

info@unitefoundation.in

Call Now

+91-7-376-376-376

ब्लॉग

मलिन बस्ती को टीबी से दिलाया जायेगा छुटकारा
02-Jan-2019    |    Views : 00037

LUCKNOW. टीबी जैसी खतरनाक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए मलिन बस्तियों में अभियान चलाया जायेगा। जहां पर टीबी मरीजों की जांच होगी। दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेज अपने इलाके की मलिन बस्ती को गोद लेकर अभियान चलाएंगे।

मलिन बस्ती को टीबी से दिलाया जायेगा छुटकारा

LUCKNOW. टीबी जैसी खतरनाक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए मलिन बस्तियों में अभियान चलाया जायेगा। जहां पर टीबी मरीजों की जांच होगी। दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेज अपने इलाके की मलिन बस्ती को गोद लेकर अभियान चलाएंगे। जिसकी शुरुआत राजधानी में केजीएमयू ने कर दी है। केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने ऐशबाग की मलिन बस्ती को गोद लिया है। यह जानकारी केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ़ सूर्यकांत ने दी।

अमेरिकन कंपनी के साथ मिलकर चलेगा अभियान

डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि टीबी को सन 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लेकर अधिकारियों ने कमर कस ली है। मलिन बस्तियों में अभियान शुरू करने का फैसला हुआ है। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडियन ओरेजन के साथ मिलकर अभियान को चलाया जाएगा।

अस्पताल मलिन बस्ती को लेंगे गोद

केजीएमयू, संजय गांधी पीजीआई, डॉ़ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, एरा, कैरियर, इंटीग्रल और टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज को अभियान से जोड़ा गया है। यह संस्थान परिसर के नजदीक मलिन बस्ती को गोद लेंगे। वहां टीबी के खिलाफ अभियान चलाएंगे। इस दौरान पूरे परिवार के सदस्यों की जांच की जाएगी। पुष्टि होने के बाद उनकी काउंसिलिंग कर इलाज शुरू किया जाएगा।

ग्रामीण अस्पताल जुड़ेंगे

डॉ. सूर्यकांत के मुताबिक अभियान में ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों को भी जोड़ा जाएगा। जिससे टीबी मरीजों की पहचान की जा सके। इसके लिए एक वैन भी चलाई जाएगी। इसमें एक्सरे और बलगम जांच की सुविधा होगी। ताकि तुरंत टीबी की पहचान की जा सके।

 दस लाख में है 2110 मरीज

 उन्होने बताया कि प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों में 67422 और सरकारी में 247449 मरीज पंजीकृत हैं। इसके साथ ही 9138 एमडीआर- एक्सडीआर टीबी के मरीज हैं। उन्होंने बताया कि शासन के मुताबिक 10 लाख की आबादी पर एक मरीज होना चाहिए। जबकि अभी दस लाख पर 2110 मरीज हैं। आंकड़ों में कमी लाने की दिशा में 12 बिन्दुओं का प्लान बनाया गया है।

लक्षण

मरीज में यदि यह लक्षण है तो अवश्य जांच करायें। जिसमें दो हफ्ते से अधिक खांसी, शरीर में थकान, वजन कम होना, भूख कम लगना, लगातार खांसी आना, शाम को बुखाराआना , सांस लेने में तकलीफ, कफ की वजह से छाती में दर्द, रात में पसीना आने जैसी समस्या और खांसी के साथ बलगम से खून आना।

यह भी पढ़ेंः- डाक विभाग ने मेधावी बच्चों को बांटी छात्रवृत्ति

Save the Children India, Best NGO to Support Child Rights, Best NGO in Lucknow, Skills Development NGO, Health NGO Lucknow, Education NGO Lucknow, NGO for Women Empowerment, NGO in India, Non Governmental Organisations, Non Profit Organisations, Best NGO in India

 


All Comments

Leave a Comment

विशिष्ट वक्तव्य 

विशिष्ट महानुभावों के वशिष्ट अवसरों पर राय

Facebook
Follow us on Twitter
Recommend us on Google Plus
Visit To Website