EMAIL

unitefoundationind@gmail.com

Call Now

+91-7-376-376-376

ब्लॉग

स्वतंत्रता संग्राम में पहली आहूति देने वाला शूरवीर
08-Apr-2019    |    Views : 000545

LUCKNOW. मंगल पाण्डेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। तत्कालीन अंग्रेजी शासन ने उन्हें बागी करार दिया जबकि आम हिंदुस्तानी उन्हें आजादी की लड़ाई के नायक के रूप में सम्मान देता है।

स्वतंत्रता संग्राम में पहली आहूति देने वाला शूरवीर

LUCKNOW. मंगल पाण्डेय एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वो ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। तत्कालीन अंग्रेजी शासन ने उन्हें बागी करार दिया जबकि आम हिंदुस्तानी उन्हें आजादी की लड़ाई के नायक के रूप में सम्मान देता है। भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर भारत सरकार द्वारा उनके सम्मान में सन् 1984 में एक डाक टिकट जारी किया गया।

मंगल पाण्डेय जी का जन्म भारत में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नगवा नामक गांव में 19 जुलाई 1827 को एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। हांलाकि कुछ इतिहासकार इनका जन्म-स्थान फैज़ाबाद के गांव सुरहुरपुर को मानते हैं।इनके पिता का नाम दिवाकर पांडे था। मंगल पाण्डेय सन् 1849 में 22 साल की उम्र में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में शामिल हो गए।

विद्रोह का प्रारम्भ एक बंदूक की वजह से हुआ। सिपाहियों को पैटऱ्न 1853 एनफ़ील्ड बंदूक दी गयीं जो कि 0.577 कैलीबर की बंदूक थी तथा पुरानी और कई दशकों से उपयोग में लायी जा रही ब्राउन बैस के मुकाबले में शक्तिशाली और अचूक थी। नयी बंदूक में गोली दागने की आधुनिक प्रणाली (प्रिकशन कैप) का प्रयोग किया गया था परन्तु बंदूक में गोली भरने की प्रक्रिया पुरानी थी। नयी एनफ़ील्ड बंदूक भरने के लिये कारतूस को दांतों से काट कर खोलना पड़ता था और उसमे भरे हुए बारुद को बंदूक की नली में भर कर कारतूस को डालना पड़ता था। कारतूस का बाहरी आवरण में चर्बी होती थी जो कि उसे पानी की सीलन से बचाती थी। सिपाहियों के बीच अफ़वाह फ़ैल चुकी थी कि कारतूस में लगी हुई चर्बी सुअर और गाय के मांस से बनायी जाती है।

29 मार्च 1857 को बैरकपुर परेड मैदान कलकत्ता के निकट मंगल पाण्डेय जो दुगवा रहीमपुर(फैजाबाद) के रहने वाले थे रेजीमेण्ट के अफ़सर लेफ़्टीनेण्ट बाग पर हमला कर के उसे घायल कर दिया। जनरल जान हेएरसेये के अनुसार मंगल पाण्डेय किसी प्रकार के धार्मिक पागलपन में थे जनरल ने जमादार ईश्वरी प्रसाद ने मंगल पांडेय को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया पर ज़मीदार ने मना कर दिया। सिवाय एक सिपाही शेख पलटु को छोड़ कर सारी रेजीमेण्ट ने मंगल पाण्डेय को गिरफ़्तार करने से मना कर दिया। मंगल पाण्डेय ने अपने साथियों को खुलेआम विद्रोह करने के लिये कहा पर किसी के ना मानने पर उन्होने अपनी बंदूक से अपनी प्राण लेने का प्रयास किया। परन्तु वे इस प्रयास में केवल घायल हुये। 6 अप्रैल 1857 को मंगल पाण्डेय का कोर्ट मार्शल कर दिया गया और 8 अप्रैल को फ़ांसी दे दी गयी।

 इसके अलावा 8 अप्रैल के इतिहास में कई महत्‍वपूर्ण घटनाएं घटी, कुछ महान लोगों का जन्म हुआ और साथ ही कुछ महान लोगों ने इस दुनिया को अलविदा कहा। आज हम उन्हीं घटनाओं के बारेमें

8 अप्रैल की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

सन 1801 में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट में हुई हिंसा में 128 यहूदियों की मौत।

प्रसिद्ध समाज सुधारक राजा राम मोहन राय 1831 में इग्लैंड पहुंचे।

नील नदी में सन 1912 में जहाजों के आपसी भिड़ंत के बाद इसमें सवार 200 से अधिक लोगों की डूबकर मौत।

क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्‍वर दत्त ने 1929 में आज ही के दिन दिल्ली असेंबली बम फेंका।

संयुक्त राष्ट्र के पूर्ववर्ती संगठन लीग ऑफ नेशंस की 1946 में आखिरी बैठक।

भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद 1950 में आज ही के दिन दोनों देशों ने अपने- अपने देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षित करने और भविष्य में दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनाओं को ख़त्म करने के मकसद से समझौता किया था।

कंप्यूटर इंजीनियरों ने 1959 में एक नई प्रोग्रामिंग भाषा ‘कोबोल’ तैयार करने के लिए बैठक की।

सन 1961 में ब्रिटिश जहाज दारा के फारस की खाड़ी में गिरने से 240 लोगों की मौत।

“जेमिनी-1” 1964 में लांच किया गया।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1985 में सीमा युद्ध शुरू, इसे कश्मीर के दूसरे युद्ध के नाम से भी जाना जाता है।

जनरल वेंग शंग कुन 1988 में चीन के राष्ट्रपति चुने गए।

अमेरिकी सेना ने 2003 में सद्दाम हुसैन का पता लगाने के लिए बगदाद में बंकर भेदी बम बरसाए जिसमें अनेक नागरिकों की मृत्यु हो।

आंध्रप्रदेश और कर्नाटक की सरकारों ने 2008 में सिक्खों को अपने राज्य में अल्पसंख्यक घोषित किया।

8 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति

इतिहासकार हेमचंद्र राय चौधरी का 1892 में जन्म।

भारतीय शास्त्रीय गायक कुमार गंधर्व का 1924 में जन्म।

संयुक्त राष्ट्र के 7वें महासचिव कोफी अन्नान का 1938 में जन्म।

हिंदी कवि दिनेश कुमार शुक्ल का 1950 में जन्म।

तेलुगु चलचित्र अभिनेता अल्लु अर्जुन का 1983 में जन्म।

8 अप्रैल को हुए निधन

प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 विद्रोह के सिपाही मंगल पांडे को 1857 को फांसी दी गई।

भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदेमातरम्” के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का 1894 को निधन।

अमेरिकी उद्योगपति हेनरी फोर्ड का 1947 में निधन।

स्पेन के चित्रकार पाब्लो पिकासो का 1973 में निधन।

हिंदुस्तानी संगीतज्ञ और सरोद वादिका शरण रानी का 2008 में निधन।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मारग्रेट थेचर का 2013 में निधन।

भारतीय पत्रकार तथा मशहूर लेखक जयकांतन का 2015 में निधन।

 

Save the Children India, Best NGO to Support Child Rights, Best NGO in Lucknow, Skills Development NGO, Health NGO Lucknow, Education NGO Lucknow, NGO for Women Empowerment, NGO in India, Non Governmental Organisations, Non Profit Organisations, Best NGO in India

 


All Comments

Leave a Comment

विशिष्ट वक्तव्य 

विशिष्ट महानुभावों के वशिष्ट अवसरों पर राय

Facebook
Follow us on Twitter
Recommend us on Google Plus
Visit To Website