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सीने में तीन गोली मारकर की अहिंसा के पुजारी की हत्या
30-Jan-2019    |    Views : 000125

LUCKNOW. नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उन्हीं की याद में 30 जनवरी को भारत में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी साल देश महात्मा गांधी की 150 जयंती मनाएगा।

सीने में तीन गोली मारकर की अहिंसा के पुजारी की हत्या

LUCKNOW. नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उन्हीं की याद में 30 जनवरी को भारत में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी साल देश महात्मा गांधी की 150 जयंती मनाएगा। सकारात्क विचारों से दुनिया को प्रभावित करने वाले महापुरुषों में से एक थे महात्मा गांधी। अपनी पूरी जिंदगी उन्होंने अलगअल- समुदायों के लोगों को एक साथ लाने की कोशिश की, क्योंकि वो सभी की समग्र विकास में विश्वास रखते थे। उन्होंने अहिंसा का मार्ग अपनाते हुए जिस तरह से देश की आजादी में अग्रणी भूमिका निभाई उसके लिए पूरी दुनिया में मिसाल दी जाती है। दुनिया के बड़े से बड़े राजनेता और समाज सेवक सभी महात्मा गांधी के पथ और विचारों को अपनाने की वकालत करते हैं।

बिड़ला भवन में शाम पाँच बजे प्रार्थना होती थी लेकिन गान्धीजी सरदार पटेल के साथ मीटिंग में व्‍यस्‍त थे। तभी सवा पाँच बजे उन्‍हें याद आया कि प्रार्थना के लिए देर हो रही है। 30 जनवरी 1948 की शाम जब बापू आभा और मनु के कन्धों पर हाथ रखकर मंच की तरफ बढ़े कि उनके सामने नाथूराम गोडसे आ गया। उसने हाथ जोड़कर कहा - "नमस्‍ते बापू!" गान्धी के साथ चल रही मनु ने कहा - "भैया! सामने से हट जाओ, बापू को जाने दो। बापू को पहले ही देर हो चुकी है।" लेकिन गोडसे ने मनु को धक्‍का दे दिया और अपने हाथों में छुपा रखी छोटी बैरेटा पिस्टल से गान्धी के सीने पर एक के बाद एक तीन गोलियाँ दाग दीं। दो गोली बापू के शरीर से होती हुई निकल गयीं जबकि एक गोली उनके शरीर में ही फँसी रह गयी। 78 साल के महात्‍मा गान्धी की हत्‍या हो चुकी थी। बिड़ला हाउस में गान्धी के शरीर को ढँककर रखा गया था। लेकिन जब उनके सबसे छोटे बेटे देवदास गान्धी वहाँ पहुँचे तो उन्‍होंने बापू के शरीर से कपड़ा हटा दिया ताकि दुनिया शान्ति और अहिंसा के पुजारी के साथ हुई हिंसा को देख सके।

इस मुकदमे में नाथूराम गोडसे सहित आठ लोगों को हत्या की साजिश में आरोपी बनाया गया था। इन आठ लोगों में से तीन आरोपियों शंकर किस्तैया, दिगम्बर बड़गे, वीर सावरकर, में से दिगम्बर बड़गे को सरकारी गवाह बनने के कारण बरी कर दिया गया। शंकर किस्तैया को उच्च न्यायालय में अपील करने पर माफ कर दिया गया। वीर सावरकर के खिलाफ़ कोई सबूत नहीं मिलने की वजह से अदालत ने जुर्म से मुक्त कर दिया और अन्त में बचे पाँच अभियुक्तों में से तीन - गोपाल गोडसे, मदनलाल पाहवा और विष्णु रामकृष्ण करकरे को आजीवन कारावास हुआ तथा दो- नाथूराम गोडसे व नारायण आप्टे को फाँसी दे दी गयी।

इतिहास में इसी तारीख को यानि 30 जनवरी को और भी कुछ महत्वपूर्ण घटनाएँ घटी थी। जिस के बारेमें आपको नहीं पता आज इस लेख के माध्यम से उस महत्वपूर्ण घटनाओं के बारेमें जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं। तो आईये जानते हैं आज का इतिहास।

30 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

डेनमार्क और ल्यूबेक के बीच 1522 में युद्ध।

पुर्तग़ाल ने मलक्का की खाड़ी को 1641 में मलाया डचों को सौंप दी।

हॉलैंड और स्पेन के बीच 1648 में शांति समझौता हुआ।

इंग्लैंड के सम्राट ‘चार्ल्स प्रथम’ को 1649 में फ़ांसी दी गई।

ब्रिटेन के राजकुमार’ चार्ल्स एडवर्ड स्टुअर्ट’ की 1788 में रोम में मौत हो गयी।

लाइफ़बोट के तौर पर निर्मित पहली नाव का 1790 में टायन नदी में परीक्षण।

कोरिया और चीन की स्वतंत्रता के बारे में 1902 में जापान और ब्रिटेन के बीच पहली ‘आंग्ल-जापानी संधि’ पर लंदन में हस्ताक्षर हुए।

लॉर्ड कर्ज़न ने 1903 में मेटकाफ़ हॉल में ‘इंपीरियल लाइब्रेरी’ का उद्घाटन किया।

‘कैनेडियन नेवल सर्विस’ का नाम 1911 में बदलकर ‘रॉयल कैनेडियन नेवी’ किया गया।

‘हाउस आफ़ लॉर्ड्स’ ने 1913 में आइरिश होम रूल बिल को ख़ारिज किया।

एडॉल्फ़ हिटलर ने 1933 में आधिकारिक रूप से जर्मनी के चांसलर की कमान सम्भाली।

स्टालिन ग्राफ़ के पास सोवियत फ़ौजों से 1943 में जर्मन सेना हारी।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने 1948 में आज ही के दिन हत्या की थी।

रात्रि एयर मेल सेवा की शुरूआत 1949 में हुई।

दक्षिण वियतनाम में सेना ने 1964 में सत्ता पर कब्ज़ा किया।

इंडियन एयरलाइंस के ‘फोकर फ्रेंडशिप विमान’ का 1971 में अपहरण।

पाकिस्तान ने 1972 में ‘राष्ट्रमंडल’ से अपना नाम वापस लिया।

सैंतालिस वर्षों बाद 1997 में महात्मा गांधी की अस्थियाँ संगम में विसर्जित।

टाटा ने 2007 में एंग्लो डच स्टील निर्माता कंपनी कोरस ग्रुप को 12 अरब डॉलर से अधिक में ख़रीदा।

चेन्नई की एक विशेष अदालत ने 2008 में बहुचर्चित स्टाम्प घोटाले के मामले के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम तेलगी को 10 साल की सज़ा सुनाई।

2009 में हुए आस्ट्रेलिया ओपन के मिक्स्ड डबल मुक़ाबले में सानिया मिर्ज़ा व महेश भूपति की जोड़ी फाइनल में पहुँची।

30 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1890 में प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार जयशंकर प्रसाद का जन्म।

1910 में भारतीय राजनेता, वकील और पूर्व रक्षा मंत्री और जिन्हें चिदंबरम सुब्रमण्यम का जन्म। जिन्हें भारत में “हरित क्रांति के पिता” कहा जाता था।

1913 में प्रसिद्ध भारतीय महिला चित्रकार अमृता शेरगिल का जन्म।

1927 में स्वीडिश सोशल डेमोक्रेटिक राजनेता ओलोफ़ पाल्मे का जन्म।

30 जनवरी को हुए निधन

मेवाड़ के राणा संग्राम सिंह का 1530 में निधन।

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का 1948 में निधन।

हिन्दी साहित्यकार माखन लाल चतुर्वेदी का 1968 में निधन।

प्रसिद्ध लेखक, कवि, भाषाविद और सम्पादक नाथूराम प्रेमी का 1960 में निधन।

भारत के एक अर्थशास्त्री जे.सी. कुमारप्पा का 1960 में निधन।

30 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

शहीद दिवस

 

 

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