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यूनाइट संकल्प : जागरूकता से ही समस्याओं का समाधान सम्भव
09-Jun-2018    |    Views : 000135

यूनाइट संकल्प : जागरूकता से ही समस्याओं का समाधान सम्भव

लखनऊ। यूनाइट फाउंडेशन की ओर से पर्यावरण दिवस पर चलाए जा रहे संकल्प सप्ताह कार्यक्रम के तहत शुक्रवार चौथे दिन राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम के शिव मंदिर पार्क में जागरुकता कार्यक्रम एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।  

पॉलीथीन का कम से कम करें प्रयोग

यूनाइट फाउंडेशन के डॉ. पीके त्रिपाठी ने लोगों को पशुओं और जानवरों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि हमें पशुओं और जानवरों के साथ सहानुभूति रखनी चाहिए। अगर मोहल्ले में गायों और कुत्तों को लेकर कोई समस्या हो रही है तो इसके लिए नगर निगम से शिकायत करनी चाहिए। आपकी समस्या का समाधान जरूर निकलेगा। उन्होंने लोगों से पॉलीथीन का प्रयोग न करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि हम लोग पॉलीथीन में भरकर खाना बगैरा फेंक देते हैं, जिसे पशु खा लेते हैं। इससे तमाम पशुओं की मौत भी हो जाती है। हमें पॉलीथीन से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। 

बैंकिंग सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया

समाधान फाउंडेशन के अरुणेन्द्र श्रीवास्तव ने बैंकिंग सेवाओं और इनकम टैक्स के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि हम लोगों को इनकम टैक्स को लेकर आ रही समस्याओं के प्रति जागरूक होना होगा। इसके लिए हमें खुद आगे आना होगा। वहीं, यतेन्द्र शराब और तम्बाकू सेवन से हो रही खतरानाक बीमरियों के प्रति लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शराब और तम्बाकू के सेवन से हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हमें इसके लिए जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि नशा ही हमारे समाज के विनाश का कारण बनता है।

शराब के सेवन से पूरा परिवार हो जाता है तबाह

उम्मीद संगठन की रीता सिंह ने कहा घरेलू हिंसा के प्रति लोगों को जागरूक किया। रीता सिंह ने कहा कि घरेलू हिंसा की सबसे बड़ी वजह शराब है। हमें सबको एकजुट होकर शराब का सेवन करने वालों को जागरूक करना होगा। उन्होंने बताया कि शराब के सेवन से ही समाज में अपराध को बढ़ावा मिल रहा है। शराब से पूरा परिवार बरबाद हो जाता है। शराब पूरे परिवार को तबाह कर देती है। महिला हिंसा के प्रति लोगों को जागरूक होना होगा। हमें महिलाओं की मदद करनी चाहिए। अगर कोई महिला पर अत्याचार हो रहा है तो हमें ही आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि बहन, बेटी की मदद करिए। इसके लिए ‘सुरक्षित शहर’ मुहिम में हमारा हिस्सा बनें।

जागरूकता से ही समाज और देश का कल्याण सम्भव

राधेश्याम दीक्षित ने कहा कि अगर हम अपनी गलती को स्वीकार कर लें तो वहीं से बदलाव की शुरुआत हो जाती है। हमें सभी को एकजुट होकर समाज में जागरूकता लाने का काम करना चाहिए। जागरूकता से ही समाज और देश का कल्याण सम्भव है।

स्थानीय लोगों ने समस्याओं पर की चर्चा

वहीं, इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी अपनी समस्याओं से रूबरू कराया गया और उनके समाधान के लिए सभी से एकजुट होने की अपील भी की। समाज में बदलाव के लिए खुद आगे आना होगा किरन सिंह ने कहा कि मोहल्ले सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए हम सबको आगे आना होगा। आयुष्मान ने कहा कि अगर हम सब मिल-जुल कर सहयोग करें तो वातावरण को अच्छा बना सकते हैं। समाज में बदलाव के लिए हमें खुद आगे आना होगा। वहीं, रामराज ने समाज में बढ़ रही घरेलू हिंसा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा हम स्वयं जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि हम लोगों को ही घरेलू हिंसा के खिलाफ खड़े होना होगा। 

चुनाव जीतने के बाद वादे भूल जाते हैं नेता

कंचन ने मोहल्ले की समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि नालियां चोक पड़ी हैं, सडक़ें टूटी हुई हैं। इसके लिए नगर निगम प्रशासन कोई सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि नेता सिर्फ चुनाव में वादे करते हैं, चुनाव जीतने के बाद अपने वादे भूल जाते हैं। पार्षद हमारी समस्याओं को नहीं सुनते हैं। विभा अवस्थी ने कहा कि हमें जागरूक होना होगा। अगर मोहल्ले में कोई समस्या है तो हमे उसके लिए जनप्रतिनिधि से मिलना चाहिए और लिखित शिकायत करनी चाहिए।

मोहल्ले में गायों और कुत्तों का आतंक

रामप्रताप ने कहा मोहल्ले में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को उठाया। उन्होंने कहा कि मोहल्ले में या नजदीक कोई सरकारी अस्पताल नहीं है, जिससे हम लोगों को समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि पोस्ट ऑफिस भी नहीं है, जिससे हम लोगों को दूर जाना पड़ता है। मोहल्ले में गायों और कुत्तों का आतंक है। कुत्ते और गायें अक्सर लोगों को दौड़ा लेती हैं। सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि नाली और सडक़ टूटी हुई थी, लेकिन अब बन गई है। अब हमारा प्रयास रहेगा कि नाली में कोई कूड़ा कचरा न डाले, सडक़ों को गंदा न करे, इसके लिए हम सभी को आगे आना होगा। सडक़ निर्माण में हमने पूरा सहयोग किया है। 

प्रकृति ने हमें जो दिया है उसे संभाल कर रखें

वहीं, सकलदीप यादव ने कहा कि गंदगी के प्रति हमें जागरूक होना होगा। गोरखनाथ ने कहा कि प्रकृति ने हमें जो दिया है उसे संभाल कर रखें, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को कोई समस्या न हो। रजत सिंह ने कहा कि हमें हर रोज नए लोगों को जोडऩा होगा, जिससे लोगों में जागरूकता आएगी। हम समस्याओं को अकेले नहीं समाप्त कर सकते हैं। इस मुहिम में सबको जुडऩा होगा। तभी बदलाव संभव है। उत्कष्र्ष ने कहा कि हमें एकजुट होकर काम करना चाहिए। हर काम को प्लानिंग बनाकर ही करना चाहिए। अगर कोई समस्या आती है तो उससे मुंह नहीं मोडऩा चाहिए। हमें उससे लडऩा चाहिए। हर्ष ने कहा कि हमें सडक़ों पर पानी नही फेंकना चाहिए, इससे एक तो पानी बरबाद होता है दूसरे सडक़ें भी टूट जाती है। इस दौरान यूनाइट फाउंडेशन के डॉ. पीके त्रिपाठी, संदीप पांडेय, उम्मीद संस्था की रीता सिंह, समाधान फाउडेंशन के अरुणेन्द्र श्रीवास्तव और यतेंद्र, वैदेही फाउंडेशन की डॉ. रूबीराज सिन्हा ने स्थानीय लोगों से समस्याओं और तमाम तरह के सवालों पर चर्चा हुई, जिनका जवाब मौजूद जानकारों द्वारा देकर लोगों को जागरूक करने का काम किया गया। वहीं, विमला देवी ने समाज को जागरूक करने के लिए लोगों एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब हम जागरूक होंगे तभी हमारी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। 

मरीजों को बांटी नि:शुल्क दवाएं 

वहीं, वैदेही फाउंडेशन की डॉ. रूबीराज सिन्हा ने स्वास्थ्य शिविर में मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया और उन्हें दवाएं और सीरप बांटी। रुबीराज ने बताया कि शिविर में करीब 60 महिलाएं आई, जिनमें 50 महिलाओं में पेट सम्बंधी समस्याएं पाई गईं। उन्होंने कहा कि पेट संबंधी समस्याएं प्रदूषित पानी की वजह से होती हैं। उन्होंने इस दौरान मरीजों को जल प्रदूषण के प्रति जागरूक भी किया।  स्वास्थ्य शिविर में विभा अवस्थी, शांति, किरन सिंह, देवेश्वरी, ऊषा, राजकुमारी, सीमा यादव, कंचन, शोभना, सीमा वर्मा, मालती, राधारानी, कमलेश कुमारी, मीना मिश्रा, प्रियंका, साक्षी, सुलेखा, पूनम सिंह, सुखदीप, एमडी मौर्या, सीबू, रेखा सिंह, सुधा, मानसी समेत लगभग 60 महिला और पुरुषों को मुफ्त में सीरप और दवाएं दी गईं। कार्यक्रम का संचालन राधेश्याम दीक्षित ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शेखर, करिश्मा श्रीवास्तव, सुजीत, अंकिता, विमला देवी के अलावा तमाम मोहल्लावासियों ने सहयोग किया।

 

 

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