EMAIL

info@unitefoundation.in

Call Now

+91-7-376-376-376

ब्लॉग

जन्मदिन पर याद किये गये विनोबा भावे
12-Sep-2018    |    Views : 00061

जन्मदिन पर याद किये गये विनोबा भावे

 

LUCKNOW. सन्त विनोबा भावे की 124 वी जयंती लखनऊ स्थित गांधी सभागार में मनाई गई। इस कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि अशोक वाजपेयी सांसद राज्यसभा,  विशिष्ट अतिथि आशा किरण सिंह, विनोद शंकर चौबे पूर्व आईएएस, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षाजयकरण वर्मा,गांधी स्मारकनिधि के अध्यक्ष लाल बहादुर राय, और विनोबा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भैया भी मौजूद रहे।

विनोबा जी गांधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी

 विनोबा विचार प्रवाह की परिचर्चा में रमेश भैया ने बताया कि आज विनोबा कैसे प्रासंगिक है। विनोबा जी गांधी जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी है। जितना भी गांधी जी ने कहा है उसको प्रासंगिक विनोबा जी ने बनाया है। विनोबा ने कहा था कि बाकी सारे प्रदेश तो प्रश्न है केवल उत्तर प्रदेश ही उत्तर है। ये बात विनोबा भावे ने सेवापुरी आश्रम में कहा था।

45 लाख एकड़ जमीन लोगो ने दान दी

उन्होने कहा कि विनोबा जी के भूदान यात्रा को कभी भुलाया नही जा सकता। इस यात्रा से 45 लाख एकड़ जमीन लोगो ने दान दिया। विनोबा जी ने मृत्यु के वक्त कहा था कि मैं जिस दिनांक को निर्वाण को प्राप्त होऊंगा तो इन तमाम ज़मीन को भूमिहीनों को दान दे दी जाएगी। विनोबा भावे को कुल 22 भाषाएं आती थी। उनके बारे में कहा जाता है कि जबतक वो किसी प्रदेश की भाषा नही जान लेते थे तबतक उस प्रदेश में जाते नही थे। विनोबा जी ने अपने अनुयायियों को कहा था कि हमेशा नर उत्थान के लिए कार्य करिये।

गांधी बिना विनोबा के अधूरे

रमेश भैया ने अपने उद्बोधन में कहा कि गांधी बिना विनोबा के अधूरे हैं। विनोबा भावे महिला उत्थान के लिए भी लगातार कार्य किया उन्होंने कहा था की महिला संघ का निर्माण होता है बहुत अच्छा है, लेकिन इसको अबला संघ नही समझना चाहिए।।

विनोबा एक महिषी 

अशोक वाजपेयी सांसद राज्य सभा  ने अपने उद्बोधन में कहा कि विनोबा एक महिषी थे। आचार्य विनोबा जी को मैंने देखा नही लेकिन उनको पढ़ा और उनकी विचारधारा को समझा है। आज के लिए विनोबा की विचारधारा एक संजीवनी की तरह है। विनोबा का कहना था कि आजादी का सपना तबतक साकार नही हो सकता जबतक की अंतिम व्यक्ति के चहरे पर मुस्कान नही आती। विनोबा आज़ादी के बाद अपना सर्वस्व त्याग कर मानवता की भावना को अग्रसर किया। आज बहुत सी विचारधारा समाज मे अपनी भूमिका निभा रही है। लेकिन विनोबा की विचारधारा एक अनमोल है।

 

Save the Children India, Best NGO to Support Child Rights, Best NGO in Lucknow, Skills Development NGO, Health NGO Lucknow, Education NGO Lucknow, NGO for Women Empowerment, NGO in India, Non Governmental Organisations, Non Profit Organisations, Best NGO in India

 


All Comments

Leave a Comment

विशिष्ट वक्तव्य 

विशिष्ट महानुभावों के वशिष्ट अवसरों पर राय

Facebook
Follow us on Twitter
Recommend us on Google Plus
Visit To Website